मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग न्यूज़
लखनऊ नगर निगम में BJP में बगावत, 36 पार्षदों ने मेयर सुषमा खर्कवाल के खिलाफ खोला मोर्चा फार्मेसी परीक्षा पर विवाद के बीच CM मान का बड़ा बयान, बोले- पेपर लीक नहीं, नकल की कोशिश हुई थी लोकसभा में पप्पू यादव का NTA पर बड़ा हमला, बोले- पेपर लीक की जड़ तक पहुंचे सरकार, चेयरमैन पर क्यों है इतनी मेहरबानी? भगवंत मान सरकार प्रदेश में स्वास्थ संबंधी समस्याओं को लेकर सजग छात्रों के समर्थन में अन्ना हजारे मौन व्रत पर, आंदोलन को मिला बड़ा साथ जंतर-मंतर पर अफरा-तफरी, छात्रों और निहंगों के बीच धक्का-मुक्की से बढ़ा तनाव PM मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, रखीं 3 बड़ी मांगें CJP Protest: दिल्ली में बवाल, 16 मेट्रो स्टेशन बंद; सरकार से बातचीत को तैयार CJP पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड 22 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन :मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान PM मोदी का राहुल गांधी पर तंज: मैं 56 साल के युवा की बात नहीं, 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं

मेरठ में जाट संसद के 11 बड़े फैसले: अंतरजातीय विवाह पर रोक, शिक्षा पर जोर

मेरठ में जाट संसद के 11 बड़े फैसले: अंतरजातीय विवाह पर रोक, शिक्षा पर जोर

मेरठ जिले के सरधना तहसील के सकौती टांडा कस्बे में रविवार को जाट समाज के एक बड़े आयोजन के दौरान सामाजिक और शैक्षिक मुद्दों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस मौके पर महाराजा सूरजमल की प्रदेश की सबसे बड़ी प्रतिमा का अनावरण किया गया, जिसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय जाट संसद की एक अहम बैठक भी आयोजित हुई। इस बैठक में समाज के प्रतिनिधियों और सरदारों ने मिलकर 11 प्रमुख प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए, जिनका उद्देश्य सामाजिक सुधार, शिक्षा और सामुदायिक एकता को मजबूत करना बताया गया।

बैठक में पहला प्रस्ताव युवाओं को अपने इतिहास से जोड़ने पर केंद्रित रहा। इसमें निर्णय लिया गया कि जाट समाज के युवाओं को अपने महापुरुषों के योगदान के बारे में जागरूक किया जाए और उनकी जयंती तथा पुण्यतिथि को उत्साहपूर्वक मनाया जाए। दूसरे प्रस्ताव में शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए युवाओं को तकनीकी और कौशल आधारित शिक्षा के साथ-साथ उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने और स्वरोजगार व व्यापार की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया गया।

सभा के दौरान तीसरे प्रस्ताव में सर चौधरी छोटूराम को भारत रत्न देने की मांग उठाई गई। चौथे प्रस्ताव में समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए अभियान चलाने और युवाओं में जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया गया। वहीं पांचवें प्रस्ताव में अंतरजातीय विवाह पर रोक लगाने की बात कही गई, जिस पर सभा में विशेष चर्चा भी हुई।

इसके अलावा छठे प्रस्ताव में उच्च पदों पर आसीन जाट नेताओं और अधिकारियों से समाज के लोगों की निस्वार्थ मदद करने की अपील की गई। सभा में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि समाज के विकास के लिए शिक्षा, एकता और सामाजिक अनुशासन बेहद जरूरी हैं। इस आयोजन को जाट समाज की एकजुटता और भविष्य की दिशा तय करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Share This
अगला लेख → लगातार थकान को न करें नजरअंदाज, जानिए किन बीमारियों का है सं…

टिप्पणी करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ताज़ा ख़बरें
बाज़ार
सेंसेक्स 77,675 +20 (+0.03%)
निफ्टी 24,259 +9 (+0.04%)
मौसम
28°C
Patchy rain nearby
💧 78% 💨 8 km/h
Dehradun