मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड में मुख्य आरोपी मुस्कान इन दिनों जेल में अपने व्यवहार को लेकर चर्चा में है। जेल प्रशासन के अनुसार, वह पिछले तीन दिनों से उपवास पर थी और हाल ही में कोर्ट में पेशी की जानकारी मिलने के बाद उसने अपने पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियों का समय भी बढ़ा दिया। इस घटनाक्रम ने मामले को एक नया मोड़ दे दिया है, जहां आरोपी के मन में फैसले को लेकर बढ़ती चिंता साफ नजर आ रही है।
जेल अधिकारियों के मुताबिक, हत्या के आरोप में बंद मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को अब संभावित सजा का डर सताने लगा है। दोनों आरोपियों ने जेल अधीक्षक से बातचीत के दौरान यह जानने की कोशिश की कि अगर कोर्ट का फैसला उनके खिलाफ आता है, तो आगे कानूनी प्रक्रिया क्या होगी और उनका केस कौन लड़ेगा। यह सवाल उनके मानसिक दबाव और अनिश्चितता को दर्शाता है।
जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई है। उन्होंने उन्हें समझाया कि अगर वे सजा के खिलाफ अपील करना चाहते हैं, तो उनके पास उच्च न्यायालय जाने का विकल्प मौजूद है। साथ ही, जरूरत पड़ने पर सरकार की ओर से उन्हें कानूनी सहायता और सरकारी वकील भी उपलब्ध कराया जाएगा।
जेल प्रशासन के अनुसार, मुस्कान पहले से ही नियमित रूप से पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन करती रही है, लेकिन कोर्ट पेशी की सूचना मिलने के बाद उसकी धार्मिक गतिविधियों में और वृद्धि देखी गई है। इसी दौरान उसने तीन दिनों तक उपवास भी रखा, जिसे लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं—क्या यह आस्था का मामला है या फिर सजा के डर का असर।
वहीं दूसरी ओर, आरोपी साहिल जेल परिसर में सब्जी उगाने का काम कर रहा है और सामान्य दिनचर्या में व्यस्त रहता है। दोनों की आमने-सामने मुलाकात बहुत कम होती है, हालांकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होने वाली पेशियों में वे एक-दूसरे को देख पाते हैं। हाल ही में कोर्ट पेशी के दौरान दोनों को एक साथ लाया गया, जहां वे करीब एक घंटा 50 मिनट तक एक ही वाहन में साथ रहे।
पूरे मामले में अब सबकी नजर आने वाले कोर्ट के फैसले पर टिकी है। आरोपियों के व्यवहार में आए बदलाव और उनकी बढ़ती चिंता यह संकेत दे रही है कि वे आने वाले निर्णय को लेकर मानसिक रूप से दबाव में हैं।

