पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बिजली क्षेत्र में अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए दावा किया है कि राज्य का बिजली विभाग, जो कभी घाटे में चल रहा था, अब मुनाफे में आ गया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने बताया कि पंजाब बिजली विभाग को ए+ रेटिंग मिली है और राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल हुआ है, जो सरकार के सुधारों और नीतियों की सफलता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार ने बिजली क्षेत्र में व्यापक ढांचागत बदलाव किए हैं। उन्होंने बताया कि 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली देने के बावजूद विभाग मुनाफा कमा रहा है। सरकार की योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है, जिससे अधिकांश परिवारों के बिजली बिल शून्य हो गए हैं। इसके साथ ही औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए भी टैरिफ में कमी की गई है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछली सरकारों के विपरीत उनकी सरकार ने सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने के बजाय उन्हें मजबूत करने पर जोर दिया है। इसी दिशा में 540 मेगावाट के गोइंदवाल थर्मल पावर प्लांट को खरीदकर बिजली उत्पादन क्षमता में इजाफा किया गया है। इससे राज्य में बिजली की उपलब्धता बेहतर हुई है और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़े हैं।
रोजगार के मोर्चे पर भी सरकार ने बड़ी उपलब्धि का दावा किया है। भगवंत मान के अनुसार, अप्रैल 2022 से अब तक पीएसपीसीएल और पीएसटीसीएल में कुल 9593 युवाओं को नौकरी दी गई है, जिनमें 8014 सीधी भर्तियां और 1579 अनुकंपा के आधार पर दी गई नियुक्तियां शामिल हैं। इसके अलावा कई पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है, जिसे जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
कृषि क्षेत्र में सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंचाई के लिए नहरी पानी के उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले जहां केवल 22 प्रतिशत पानी का उपयोग हो रहा था, वहीं अब यह बढ़कर 78 प्रतिशत तक पहुंच गया है और इसे जल्द ही 90 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने भाखड़ा नहर का उदाहरण देते हुए कहा कि इसकी क्षमता 9500 क्यूसेक होने के बावजूद अब किसानों को 11,000 क्यूसेक तक पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
बिजली आपूर्ति के मामले में भी राज्य ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि 5 जून 2025 को पंजाब ने 16,670 मेगावाट की अब तक की सबसे अधिक बिजली मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया, जो पिछले रिकॉर्ड से अधिक है। उन्होंने यह भी कहा कि धान सीजन के दौरान किसानों को आठ घंटे से अधिक बिजली दी गई और दिन के समय 95 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की गई।
अंत में भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य राज्य को बिजली के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना और लोगों को सस्ती व निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना है। उनका दावा है कि पंजाब ने मुफ्त बिजली देने के साथ-साथ आर्थिक संतुलन बनाए रखते हुए विकास का एक नया मॉडल पेश किया है, जिसे अन्य राज्य भी अपनाने पर विचार कर सकते हैं।

