देश के कई हिस्सों में इन दिनों एलपीजी सिलेंडर को लेकर संकट की स्थिति बनी हुई है। लोग घंटों लंबी कतारों में खड़े होकर किसी तरह सिलेंडर प्राप्त कर पा रहे हैं, जबकि कुछ जगहों पर मजबूरी में अधिक कीमत देकर ब्लैक में भी सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है। ऐसे हालात में उपभोक्ताओं के लिए यह जानना बेहद जरूरी हो गया है कि जो सिलेंडर उन्हें मिल रहा है, उसमें गैस पूरी भरी है या नहीं।
विशेषज्ञों के अनुसार, गैस की मात्रा जांचने का एक आसान और घरेलू तरीका “गीले कपड़े का टेस्ट” है। इसके लिए एक सूती कपड़े को पानी में भिगोकर हल्का निचोड़ लें और उसे सिलेंडर के चारों ओर लपेट दें। कुछ मिनट बाद कपड़ा हटाकर सिलेंडर को ध्यान से देखें। जहां तक गैस भरी होती है, वह हिस्सा ठंडा होने के कारण देर तक गीला रहता है, जबकि खाली हिस्सा जल्दी सूख जाता है। इस तरह आप आसानी से सिलेंडर में गैस का स्तर पहचान सकते हैं।
इसके अलावा सिलेंडर पर लगी प्लास्टिक सील की जांच भी जरूरी है। यदि सील ढीली हो या दोबारा चिपकाई हुई लगे, तो यह छेड़छाड़ का संकेत हो सकता है। ऐसे मामलों में तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए और गैस एजेंसी को सूचित करना चाहिए।
एक और महत्वपूर्ण तरीका सिलेंडर के वजन को देखना है। हर सिलेंडर पर नेट वेट (गैस का वजन) और टेयर वेट (खाली सिलेंडर का वजन) लिखा होता है। आमतौर पर घरेलू गैस सिलेंडर का कुल वजन करीब 29.5 किलोग्राम होता है, जिसमें लगभग 14.2 किलोग्राम गैस भरी होती है। यदि वजन में असामान्य अंतर लगे, तो यह जांच का विषय हो सकता है।
ऐसे समय में जब गैस की किल्लत के कारण उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, यह जरूरी है कि वे सतर्क रहें और सिलेंडर लेते समय इन बातों का ध्यान रखें। थोड़ी सी सावधानी न केवल आर्थिक नुकसान से बचा सकती है, बल्कि उपभोक्ताओं को सही मात्रा में गैस भी सुनिश्चित कर सकती है।

