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CJI की टिप्पणी से शुरू हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’, अब शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

NEET पेपर लीक मामले और बेरोजगार युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हो रही इस डिजिटल मुहिम के बीच अभिजीत ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी कर सरकार और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।

अभिजीत दीपके ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि NEET पेपर लीक जैसे मामलों ने छात्रों और युवाओं का भरोसा तोड़ा है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर जवाबदेही तय होनी चाहिए और इसी को लेकर एक ऑनलाइन पिटीशन शुरू की जा रही है, जिसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जाएगी। अभिजीत ने लोगों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में इस पिटीशन पर हस्ताक्षर करने की अपील भी की।

दरअसल, कॉकरोच जनता पार्टी उस समय चर्चा में आई जब भारत के मुख्य न्यायाधीश सीजेआई सूर्यकांत की एक टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हुई। सुनवाई के दौरान कुछ बेरोजगार युवाओं को लेकर की गई टिप्पणी के विरोध में अभिजीत दीपके ने इस डिजिटल अभियान की शुरुआत की थी। देखते ही देखते यह सोशल मीडिया पेज लाखों फॉलोअर्स तक पहुंच गया और युवाओं के बीच तेजी से चर्चा का विषय बन गया।

हालांकि, इस अचानक मिली लोकप्रियता ने अभिजीत के परिवार की चिंता भी बढ़ा दी है। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में रहने वाले उनके माता-पिता भगवान दीपके और अनीता दीपके ने एक मराठी न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि वे अपने बेटे को राजनीति में नहीं देखना चाहते। परिवार को डर है कि सोशल मीडिया पर बढ़ती सक्रियता के कारण अभिजीत किसी कानूनी या राजनीतिक मुश्किल में फंस सकते हैं।

अभिजीत के पिता भगवान दीपके ने कहा कि मौजूदा माहौल को देखते हुए चिंता होना स्वाभाविक है। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों से वह ठीक से सो नहीं पाए हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि उनका बेटा गिरफ्तार भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होने वाले लोगों को अक्सर विवादों का सामना करना पड़ता है और यही चिंता परिवार को परेशान कर रही है।

वहीं अभिजीत की मां अनीता दीपके ने कहा कि उन्हें कॉकरोच जनता पार्टी के बारे में पड़ोसियों से जानकारी मिली थी। उन्होंने बताया कि वह चाहती हैं कि उनका बेटा राजनीति से दूर रहे और किसी स्थिर नौकरी पर ध्यान दे। उन्होंने यह भी कहा कि अभिजीत पहले आम आदमी पार्टी के साथ काम कर चुका है, लेकिन परिवार हमेशा चाहता था कि वह राजनीति से दूरी बनाए रखे।

सोशल मीडिया पर तेजी से उभर रही यह डिजिटल मुहिम अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का हिस्सा बन चुकी है। एक ओर जहां बड़ी संख्या में युवा अभिजीत दीपके के अभियान का समर्थन कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इसे लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी लगातार सामने आ रही हैं।

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