पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गर्म होता जा रहा है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपना घोषणा पत्र जारी कर चुनावी मुकाबले को और तेज कर दिया है। इस बार पार्टी ने अपने संकल्प पत्र को ‘भरोसा पत्र’ नाम दिया है, जिसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जारी किया। पार्टी ने इस दस्तावेज के जरिए राज्य के युवाओं, महिलाओं और किसानों के लिए कई बड़े वादे किए हैं।
घोषणा पत्र में सबसे बड़ा वादा बेरोजगार युवाओं को हर महीने 3000 रुपये का आर्थिक भत्ता देने का है। इसके साथ ही गरीब महिलाओं के बैंक खातों में भी हर महीने 3000 रुपये देने की बात कही गई है। पार्टी ने यह भी दावा किया है कि सत्ता में आने पर एक करोड़ युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। वहीं सरकारी कर्मचारियों के लिए 45 दिनों के भीतर महंगाई भत्ता (DA) सुनिश्चित करने का वादा भी किया गया है।
बीजेपी ने अपने ‘भरोसा पत्र’ में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने का भी बड़ा ऐलान किया है। पार्टी के मुताबिक, अगर वह सत्ता में आती है तो छह महीने के भीतर यूसीसी लागू कर दिया जाएगा। इसके अलावा भ्रष्टाचार, राजनीतिक हिंसा और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर तीन अलग-अलग श्वेत पत्र लाने की भी बात कही गई है, जिससे राज्य की स्थिति का स्पष्ट आकलन किया जा सके।
घोषणा पत्र जारी करते हुए अमित शाह ने राज्य की मौजूदा तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों में राज्य की जनता निराश हुई है और अब बदलाव चाहती है। शाह ने यह भी कहा कि बीजेपी का यह ‘भरोसा पत्र’ पश्चिम बंगाल को विकास की नई दिशा देने का रोडमैप है और इससे राज्य को ‘भय और अस्थिरता’ के दौर से बाहर निकालने में मदद मिलेगी।
राज्य में दो चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी लगातार अपने चुनावी अभियान को तेज कर रही है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इस बार जनता बदलाव के मूड में है और उनका यह घोषणा पत्र मतदाताओं के बीच भरोसा पैदा करने में अहम भूमिका निभाएगा।

