महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित न हो पाने के बाद देश की सियासत गरमा गई है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शनिवार रात राष्ट्र के नाम संबोधन करेंगे। उनका यह संबोधन रात 8:30 बजे प्रसारित होगा और माना जा रहा है कि इसमें वह महिला आरक्षण बिल पर अपनी बात रख सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संबोधन में संसद में हुए घटनाक्रम और विधेयक के गिरने पर प्रतिक्रिया दे सकते हैं। खासतौर पर विपक्ष द्वारा बिल का समर्थन न करने को लेकर वे विपक्षी दलों पर निशाना साध सकते हैं। पिछले दो दिनों तक चली लंबी बहस के बाद शुक्रवार को लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक पर वोटिंग हुई थी, लेकिन यह आवश्यक बहुमत हासिल नहीं कर सका।
इस विधेयक में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधान को परिसीमन और सीटों की संख्या बढ़ाने से जोड़ा गया था। सरकार का कहना था कि इससे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को मजबूती मिलेगी, जबकि विपक्ष ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए इसे राजनीतिक रणनीति बताया।
विधेयक के खारिज होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे “काला दिन” करार दिया और कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों पर महिलाओं के साथ “विश्वासघात” का आरोप लगाया। वहीं कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने पलटवार करते हुए कहा कि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को तुरंत लागू किया जाना चाहिए और सरकार इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है।
बिल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन इस पूरे मुद्दे पर सरकार का आधिकारिक रुख स्पष्ट कर सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह संबोधन आने वाले दिनों में महिला आरक्षण को लेकर राजनीतिक बहस की दिशा तय कर सकता है।

