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अमरावती कांड: ‘लव ट्रैप’ से 180 नाबालिगों का शोषण, आरोपी के घर पर प्रशासन का एक्शन

महाराष्ट्र के अमरावती जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कथित ‘लव ट्रैप’ के जरिए नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोपी Mohammad Ayan Tanveer (मोहम्मद अयान तनवीर) के घर पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की है। परतवाड़ा शहर में स्थित उसके घर के अवैध हिस्सों को अचलपुर नगर परिषद की टीम ने ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा।

जानकारी के अनुसार, आरोपी के घर के बाहर पहली मंजिल तक जाने के लिए बनाई गई लोहे की सीढ़ी को जेसीबी मशीन की मदद से गिराया गया। यह निर्माण अवैध बताया जा रहा था, जिस पर पहले ही नगर परिषद द्वारा नोटिस जारी किया जा चुका था। निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए इसे तोड़ दिया।

पुलिस के मुताबिक, Mohammad Ayan Tanveer (मोहम्मद अयान तनवीर) को 11 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। उस पर आरोप है कि वह सोशल मीडिया के जरिए नाबालिग लड़कियों को अपने जाल में फंसाता था और उन्हें मुंबई व पुणे जैसे शहरों में ले जाकर उनके अश्लील वीडियो बनाता था। बताया जा रहा है कि आरोपी ने करीब 350 वीडियो तैयार किए, जिनके जरिए वह पीड़िताओं को ब्लैकमेल करता था।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी व्हाट्सऐप और स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाता था। सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो और तस्वीरें वायरल होने के बाद इस पूरे मामले का खुलासा हुआ, जिसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

इस मामले में राजनीतिक एंगल भी सामने आया है। All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) से आरोपी के जुड़े होने की बात कही जा रही थी, हालांकि पार्टी ने इससे साफ तौर पर दूरी बना ली है। पार्टी के जिला अध्यक्ष ने कहा कि आरोपी को पहले ही संगठन से निकाल दिया गया था और उसका अब पार्टी से कोई संबंध नहीं है।

अब तक की कार्रवाई में पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। इस मामले में तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है, जिनमें उजर खान का नाम शामिल है। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और उसमें मौजूद डेटा की गहन जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि बनाए गए वीडियो किन-किन लोगों तक पहुंचाए गए थे।

प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई को इस गंभीर अपराध के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, मामले की गहराई से जांच जारी है और उम्मीद की जा रही है कि आगे और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।

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