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पंजाब की महिलाओं को ₹1,147 करोड़ की सौगात, 33 लाख खातों में सीधे पहुंची राशि

पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री मावां धीआं सत्कार योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। सरकार ने अब तक डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से राज्य की लगभग 33 लाख महिलाओं के बैंक खातों में ₹1,147 करोड़ से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की है। योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा और सम्मान प्रदान करना है, ताकि उन्हें बिना किसी मध्यस्थ के सीधे सरकारी सहायता मिल सके।

योजना के तहत अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की पात्र महिलाओं को तीन मासिक किस्तों के रूप में ₹1,500 प्रति माह के हिसाब से कुल ₹4,500 दिए गए हैं। वहीं अन्य सभी पात्र महिलाओं को ₹1,000 प्रति माह के अनुसार तीन किस्तों में कुल ₹3,000 की सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है। यह भुगतान उन लाभार्थियों को किया गया है, जिन्होंने 25 जून 2026 तक अपना पंजीकरण पूरा कर लिया था।

सरकार के अनुसार, योजना के लिए पूरे पंजाब में पंजीकरण प्रक्रिया अभी भी जारी है और अब तक 66 लाख से अधिक महिलाओं ने आवेदन कराया है। जिन महिलाओं का पंजीकरण अब हो रहा है, उन्हें अगली किस्त में योजना का लाभ दिया जाएगा।

पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पहली किस्त का सफल वितरण इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार प्रत्येक पात्र महिला तक आर्थिक सहायता पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाने के अपने संकल्प पर कायम है। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र महिला इस लाभ से वंचित न रहे।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं की पहले से मिल रही विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन या दिव्यांग पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह योजना मौजूदा लाभों के अतिरिक्त आर्थिक सहायता के रूप में कार्य करेगी।

पहली किस्त मिलने के बाद कई महिलाओं ने इसे अपने जीवन का यादगार पल बताया। गुरदासपुर जिले के मुस्ताबा जट्टा गांव की निवासी कुलदीप कौर ने कहा कि पहली बार उनके बैंक खाते में सीधे सहायता राशि आने से उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता का एहसास हुआ। उन्होंने बताया कि मोबाइल पर राशि जमा होने का संदेश मिलने के बाद उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा और उन्हें पहली बार अपनी आर्थिक पहचान महसूस हुई।

इसी तरह घुम्मणकलां गांव की हरमीत कौर ने बताया कि उन्हें योजना की जानकारी गांव में आयोजित जागरूकता शिविर से मिली। उन्होंने कहा कि वह इस राशि का उपयोग अपनी जरूरतों और घर के खर्च में करेंगी। उनका मानना है कि यह योजना समाज में बेटियों और महिलाओं के सम्मान को बढ़ाने के साथ-साथ उनके सशक्तिकरण का भी मजबूत माध्यम बनेगी।

संगरूर जिले के धूरी की रहने वाली विधवा किरण ने कहा कि यह आर्थिक सहायता उनके लिए कठिन समय में बड़ी राहत साबित हुई है। वहीं गुरदासपुर की दिहाड़ी मजदूर रीता ने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्र की मदद से आवेदन करने के बाद उन्हें योजना का लाभ मिला। उन्होंने कहा कि मोबाइल पर भुगतान का संदेश आने के साथ ही उन्हें लगा कि अब वे अपनी जरूरतों को पूरा करने में पहले से अधिक सक्षम होंगी।

राज्य सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री मावां धीआं सत्कार योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उनके आत्मसम्मान को बढ़ाना और समाज में उनकी भागीदारी को मजबूत करना भी है। सरकार आने वाले समय में योजना के दायरे को और प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी जोर दे रही है।

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