मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में जमीन विवाद के दौरान कथित फायरिंग और मारपीट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग और उनके सहयोगी अंकित मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए हथियार को भी बरामद कर लिया है, जबकि मामले में नामजद एक अन्य आरोपी और एक अज्ञात आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, राजनगर थाना क्षेत्र के कोड़ा गांव में मंगलवार दोपहर जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि इस दौरान फायरिंग और मारपीट हुई, जिसमें मोतीलाल कुशवाहा गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया गया।
घायल पक्ष का आरोप है कि जमीन पर कब्जे के विवाद के दौरान शालिग्राम गर्ग और उनके साथियों ने मारपीट की और गोली चलाई। घटना से जुड़े कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिन्हें पुलिस ने जांच का हिस्सा बनाया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जा रही है।
एडिशनल एसपी आदित्य पटले ने बताया कि इस मामले में कुल चार आरोपी हैं, जिनमें तीन नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति शामिल है। अब तक शालिग्राम गर्ग और अंकित मिश्रा को गिरफ्तार किया जा चुका है तथा वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार को जब्त कर लिया गया है। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। प्रारंभिक जांच में विवाद की वजह जमीन से जुड़ा मामला सामने आया है।
इस पूरे घटनाक्रम पर पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और जो भी कानून का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका अपने भाई शालिग्राम गर्ग से कोई संबंध नहीं है और किसी भी आपराधिक घटना को बागेश्वर धाम या उनसे जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। फिलहाल पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
