आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और उनकी जगह सामाजिक कार्यकर्ता एवं शिक्षा सुधार के पक्षधर सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाना चाहिए। केजरीवाल के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।
केजरीवाल ने अपने बयान में दावा किया कि देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता है और इसके लिए ऐसे व्यक्ति की जरूरत है, जिसने शिक्षा के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर काम किया हो। उन्होंने सोनम वांगचुक के शिक्षा मॉडल और उनके योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि वे इस जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त विकल्प हो सकते हैं।
यह बयान ऐसे समय आया है जब सोनम वांगचुक अपने आंदोलन और विभिन्न सार्वजनिक मुद्दों को लेकर लगातार चर्चा में हैं। उनके समर्थन में कई सामाजिक संगठनों और विपक्षी नेताओं की आवाज भी सामने आई है, जिससे यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
वहीं, केजरीवाल के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान को विपक्ष की केंद्र सरकार पर बढ़ते हमलों और शिक्षा नीति को लेकर जारी राजनीतिक बहस के संदर्भ में देखा जा रहा है।
फिलहाल, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सोनम वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाए जाने की मांग को लेकर सियासत तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
