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लखनऊ में आज निकलेगी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा, डालीगंज से नगर भ्रमण पर निकलेंगे प्रभु

लखनऊ में आज भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली जाएगी। डालीगंज स्थित श्री माधव मंदिर से शुरू होने वाली इस रथ यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। वैदिक मंत्रोच्चार, महाआरती और 56 प्रकार के भोग अर्पित करने के बाद भगवान को सुसज्जित रथ पर विराजमान कराया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालु रथ की रस्सी खींचकर यात्रा का शुभारंभ करेंगे।

रथ यात्रा के दौरान भक्तों के स्वागत के लिए कई विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा, इत्र वर्षा, स्वर्णिम झाड़ू सेवा और जयघोष के बीच भगवान का अभिनंदन किया जाएगा। उज्जैन की तर्ज पर डमरुओं के साथ महाआरती भी आयोजित होगी। यात्रा में विंटेज कार पर राधा-कृष्ण, भगवान शिव और हनुमान की आकर्षक झांकियां, नासिक ढोल दल, वानर सेवा दल और संकीर्तन मंडली श्रद्धालुओं का आकर्षण बढ़ाएंगे। भक्तों को जामुन, मीठे चावल और बूंदी का महाप्रसाद भी वितरित किया जाएगा।

यह रथ यात्रा श्री माधव मंदिर से शुरू होकर नजीरगंज, शंकरनगर, रामकृष्ण मठ, अयोध्या रोड, डॉ. पन्नालाल चौराहा, डालीगंज पुल, हसनगंज और डालीगंज बाजार होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंचेगी। यात्रा के दौरान 15 फीट ऊंचा हनुमान ध्वज, 10 स्थानों पर पुष्पवर्षा और 501 दीपों से महाआरती प्रमुख आकर्षण रहेंगे। श्रद्धालु यात्रा का सीधा प्रसारण फेसबुक पेज RadhaMadhavLKO पर भी देख सकेंगे।

इधर, भगवान जगन्नाथ सेवा समिति, ऐशबाग की ओर से भी आज शाम 6 बजे विशेष शोभायात्रा निकाली जाएगी। समिति के अध्यक्ष गुलशन जौहर के नेतृत्व में यह शोभायात्रा मास्टर कन्हैया लाल रोड से शुरू होकर टिकैतगंज, नेहरू क्रॉस, सिद्धनाथ मंदिर, गुरुद्वारा यहियागंज, नवाबगंज और ऐशबाग क्षेत्र से होकर निकलेगी। यात्रा के संचालन की जिम्मेदारी साकेत शर्मा, गणेश प्रकाश वर्मा, संदीप शर्मा और समिति के अन्य पदाधिकारियों द्वारा निभाई जाएगी।

वहीं, सुशांत गोल्फ सिटी स्थित राधा रमण बिहारी मंदिर (इस्कॉन) में बुधवार को गुण्डिचा मार्जन महोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर भक्तों ने हरिनाम संकीर्तन के साथ मंदिर परिसर की साफ-सफाई कर भगवान जगन्नाथ के स्वागत की तैयारियां कीं। शाम को विशेष आरती का आयोजन भी किया गया। आयोजकों के अनुसार, यह परंपरा भगवान जगन्नाथ के आगमन से पहले मंदिर को पवित्र और स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से निभाई जाती है।

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