श्रीदेवी, एक ऐसा नाम और अदाकारा, जिनकी दीवानगी आज भी लोगों के दिलों में बरकरार है। भले ही वे अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके प्रशंसकों की तादाद में कोई कमी नहीं आई है। आज भी उनके फैन्स उनकी फिल्मों को उतने ही चाव से देखते हैं। एक दौर ऐसा भी था, जब उनकी एक झलक पाने के लिए लोग बेताब रहते थे। केवल आम लोग ही नहीं, बल्कि बड़े-बड़े सितारे और यहां तक कि मजिस्ट्रेट तक उनके फैन हुआ करते थे। इसी दीवानगी का एक ऐसा वाकया है, जब मजिस्ट्रेट ने सिर्फ श्रीदेवी को देखने के लिए उन्हें कोर्ट में बुलाने का आदेश जारी कर दिया था। आइए जानते हैं यह दिलचस्प किस्सा।
वरिष्ठ वकील मजीद मेनन ने अपने करियर में कई हाई-प्रोफाइल सेलिब्रिटी मामलों की पैरवी की है। अपनी 50 साल की पेशेवर यात्रा को उन्होंने अपनी आत्मकथा में समेटा है और बॉलीवुड से जुड़े कई रोचक किस्से साझा किए हैं। गुलशन कुमार हत्या मामला हो या बॉम्बे बम ब्लास्ट केस में संजय दत्त की पैरवी, मजीद मेनन ने इन चर्चित मामलों में अहम भूमिका निभाई है। अपनी किताब में उन्होंने बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के कनेक्शन पर भी प्रकाश डाला है।
हाल ही में एक इंटरव्यू में मजीद मेनन ने श्रीदेवी से जुड़ा एक अनोखा किस्सा साझा किया। हालांकि उन्होंने अपनी किताब में इसे शामिल नहीं किया है। उन्होंने बताया कि एक बार श्रीदेवी से संबंधित एक केस में वे उनकी पैरवी कर रहे थे। उस वक्त श्रीदेवी इंडस्ट्री की सबसे बड़ी और चर्चित अभिनेत्रियों में से एक थीं। लोग उनकी एक झलक पाने के लिए पागल हो जाते थे।
मजीद मेनन ने बताया, “मैंने उस केस में श्रीदेवी की कोर्ट में उपस्थिति से छूट (एक्जेम्पशन) के लिए आवेदन किया था, लेकिन मजिस्ट्रेट ने इसे खारिज कर दिया। मजिस्ट्रेट ने साफ कहा कि इस केस में श्रीदेवी को खुद कोर्ट में आना होगा, क्योंकि वे उन्हें देखना चाहते थे।”
उन्होंने आगे बताया, “जब श्रीदेवी कोर्ट पहुंचीं, तो वहां इतनी भीड़ उमड़ पड़ी कि उसे संभालना मुश्किल हो गया। मजिस्ट्रेट के साथ-साथ कोर्ट में मौजूद हर व्यक्ति बस उनकी एक झलक देखने के लिए बेताब था। यह वाकया बताता है कि श्रीदेवी का जादू केवल बड़े पर्दे तक ही सीमित नहीं था, बल्कि उनके प्रशंसक हर जगह मौजूद थे।”

