लखनऊ में शनिवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के सीजफायर के फैसले का कड़ा विरोध किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह वक्त पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) को वापस लेने का था, लेकिन सरकार ने संघर्ष विराम करके एक बड़ा मौका गंवा दिया।
निशातगंज फ्लाईओवर पर आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान AAP कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और सरकार के फैसले को देश के हितों के खिलाफ बताया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर बहस भी हुई। पुलिस ने मौके से कई बैनर जब्त किए और कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। साथ ही, पार्टी की जिला अध्यक्ष सहित कई नेताओं को सुबह ही नजरबंद कर दिया गया, ताकि वे प्रदर्शन में शामिल न हो सकें।
AAP नेता दिनेश सिंह पटेल ने बयान दिया, “प्रदेश के विभिन्न जिलों में हमारी पार्टी के कार्यकर्ता सरकार के सीजफायर के फैसले का विरोध कर रहे हैं। हमें लगता है कि यह POK को भारत में मिलाने का सबसे सही समय था, जिसे सरकार ने चूक दिया।”
वहीं प्रदर्शन में मौजूद कार्यकर्ता ज्ञान सिंह ने कहा, “पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने शानदार जवाब दिया था। ऐसे में जब सेना का मनोबल ऊंचा था, उस समय सीजफायर की घोषणा करना समझ से परे है। देश की जनता चाहती है कि POK को भारत में शामिल किया जाए।”
पार्टी की जिला अध्यक्ष इरम रिज़वी, जिन्हें सुबह से ही नजरबंद कर दिया गया था, ने कहा, “AAP पूरे प्रदेश में इस फैसले का विरोध कर रही है। जब सेना मैदान में मजबूती से लड़ रही थी, तब सरकार ने सीजफायर कर आम लोगों की उम्मीदों को तोड़ दिया। अब हमारी आवाज को दबाने के लिए हमें घरों में बंद किया जा रहा है।”
AAP ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक फायदे के लिए देश की सुरक्षा और रणनीतिक बढ़त से समझौता कर रही है। साथ ही पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द ही POK पर स्पष्ट और निर्णायक नीति नहीं बनाई, तो उनका आंदोलन और भी तेज किया जाएगा।

