बरेली जिले में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (रोडवेज) के एक कर्मचारी ने विभागीय अधिकारियों पर रिश्वतखोरी और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारी का कहना है कि वह नियमित रूप से सुबह आठ बजे वाली बस की ड्यूटी करता आ रहा है, फिर भी उसे लगातार परेशान किया गया और बार-बार अवैध रूप से पैसे मांगे गए।
शिकायतकर्ता ने बताया कि एक समय उसने टिकट वितरण में कुछ गड़बड़ जरूर की थी, लेकिन उसने अपनी गलती स्वीकार कर खुद को सुधारा और पूरी ईमानदारी से कार्य करना शुरू कर दिया। इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा उस पर लगातार रिश्वत देने का दबाव डाला गया। जब उसने पैसे देने से मना किया, तो उसके खिलाफ षड्यंत्र रचने शुरू हो गए।
कर्मचारी ने विशेष रूप से एक अधिकारी, ‘एआरएम साहब’ पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह बार-बार पैसों की मांग कर रहे थे और मना करने पर धमकाया गया। उसका कहना है कि जो कर्मचारी घूस नहीं देते, उन्हें निशाना बनाकर परेशान किया जाता है और बदले की भावना से उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
कर्मचारी का दावा है कि कुछ अधिकारी जानबूझकर ड्यूटी चार्ट में हेरफेर करते हैं और फिर कर्मचारियों को बुलाकर उनसे पैसों की मांग करते हैं। उसने कहा कि वह अब इस मामले को उच्च अधिकारियों, यहां तक कि प्रबंध निदेशक (एमडी) के स्तर तक ले जाने को तैयार है, ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके और ईमानदार कर्मचारियों को न्याय मिल सके।
फिलहाल इस मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। यदि शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला एक व्यापक और निष्पक्ष प्रशासनिक जांच की मांग करता है

