प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पांच देशों की विदेश यात्रा के पहले पड़ाव के रूप में अफ्रीकी देश घाना पहुंचे। यह 30 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की घाना की पहली यात्रा है। राजधानी अकरा के हवाई अड्डे पर घाना के राष्ट्रपति जॉन ड्रामानी महामा ने उनका हार्दिक स्वागत किया। इस अवसर पर पीएम मोदी को 21 तोपों की सलामी के साथ गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया।यह यात्रा भारत और ग्लोबल साउथ, विशेष रूप से अटलांटिक क्षेत्र के देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इस दौरे के तहत पीएम मोदी घाना के बाद त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया का भी दौरा करेंगे।’घाना की संसद को संबोधित करना गर्व का क्षण’
अपने दौरे से पहले एक बयान में पीएम मोदी ने कहा कि वह 2-3 जुलाई को राष्ट्रपति महामा के निमंत्रण पर घाना की यात्रा पर हैं। उन्होंने घाना को ग्लोबल साउथ का एक महत्वपूर्ण सहयोगी बताया, जो अफ्रीकी संघ और पश्चिम अफ्रीकी राज्यों के आर्थिक समुदाय में अहम भूमिका निभाता है। पीएम ने विश्वास जताया कि यह दौरा भारत-घाना संबंधों को निवेश, ऊर्जा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और विकास सहयोग जैसे क्षेत्रों में और मजबूती देगा। उन्होंने यह भी कहा कि घाना की संसद को संबोधित करना उनके लिए गर्व का विषय है।’त्रिनिदाद और टोबैगो से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव’
इसके बाद 3-4 जुलाई को पीएम मोदी त्रिनिदाद और टोबैगो का दौरा करेंगे। उन्होंने इस देश को भारत के साथ गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जन-जन के रिश्तों का प्रतीक बताया। पीएम मोदी ने कहा कि वह वहां राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू और प्रधानमंत्री कमला परसाद बिसेसर से मुलाकात करेंगे। उन्होंने उल्लेख किया, “180 वर्ष पहले भारतीय पहली बार त्रिनिदाद और टोबैगो पहुंचे थे। यह यात्रा हमारे सांस्कृतिक और पारिवारिक बंधनों को नया जीवन देने का अवसर प्रदान करेगी।”अर्जेंटीना में 57 साल बाद भारतीय पीएम का दौरा
त्रिनिदाद के बाद पीएम मोदी अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स पहुंचेंगे, जो 57 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। उन्होंने अर्जेंटीना को लैटिन अमेरिका में भारत का एक महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार और जी-20 में एक करीबी सहयोगी बताया।

