लखनऊ – यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा शुक्रवार को यूनियन बैंक भवन परिसर में सौर ऊर्जा विक्रेता समागम का आयोजन हुआ । इस अवसर पर यूपीनेडा के निदेशक इंद्रजीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता यूनियन बैंक के लखनऊ अंचल के महाप्रबंधक राजेश कुमार ने की।
यूनियन बैंक द्वारा सोलर लोन योजनाओं पर एकसमग्र प्रस्तुति दी गई, जिसमें ऋण प्रक्रिया, पात्रता मापदंड एवं उपभोक्ताओं को मिलने वाले लाभों की जानकारी दी गई। नेडा निदेशक ने बताया की वर्ष 2027 तक प्रदेश में 22 गीगावाट लक्ष्य को प्राप्त किया जाना है, जिसमें बैंकों की अत्यन्त ही महत्वपूर्ण भूमिका है। यूनियन बैंक इस दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है तथा उनके प्रयास सराहनीय है। हम कार्बन मुक्त समाज की तरफ अग्रसर हो रहे हैं। वर्तमान तक मात्र सोलर रूफटॉप से 850 मेगावाट क्षमता का सृजन हो चुका है, जो बड़े कोल आधारित थर्मल पावर प्लाण्ट के समकक्ष है।
बैठक मे प्रधान मंत्री सूर्य घर बिजली योजना मे बैंक की नयी पहल की चर्चा की गयी जिसमे लाभार्थी “डिजिटल मोड” से सिर्फ एक QR स्कैन करकेऋण स्वीक्रत कराया जाता है। इस पहल की इंद्रजीत सिंह ने सराहना की और बोला कि यूपीनेडा की तरफ से इस पहल का ज़िक्र और बैंकों मे भी किया जाएगा।
कार्यक्रम में वेंडर्स द्वारा जमीनी स्तर पर उपभोक्ताओं को आने वाली व्यवहारिक चुनौतियाँ एवं तकनीकी समस्याओं पर बैंक अधिकारियों एवं यूपीनेडा प्रतिनिधियों द्वारा संवादात्मक चर्चा कर समाधान प्रस्तुत किए गए।कार्यक्रम में यूपीनेडा निदेशक इंद्रजीत सिंह द्वारा सौर ऊर्जा लोन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले यूनियन बैंक के शाखा प्रबंधकों को सम्मानित किया गया, जिससे उन्हें प्रोत्साहन एवं अन्य अधिकारियों को प्रेरणा प्राप्त हुई।
इस अवसर पर श्री सिंह ने कहा की यह आयोजन सौर ऊर्जा क्षेत्र में यूनियन बैंक की सक्रिय भूमिका को दर्शाता है।भविष्य में इससे जुड़ी संभावनाओं को मजबूती प्रदान करेगा। यह समागम यूनियन बैंक की नवाचार, सेवा प्रतिबद्धता एवं सतत विकास के प्रति दृढ़ संकल्प का प्रतीक रहा।

