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जापान-रूस में भूकंप और सुनामी का कहर: कामचटका में ढही इमारतें, 4 फीट तक उठी लहरें

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रूस के कामचटका प्रायद्वीप के पास आए 8.7-8.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद सुनामी की लहरें 4 फीट (लगभग 1.2 मीटर) तक ऊंची पहुंचीं। भूकंप का केंद्र समुद्र के नीचे 19.3 किलोमीटर की गहराई पर था, जिससे कई इमारतों को नुकसान पहुंचा। कामचटका की राजधानी पेट्रोपावलोव्स्क-कामचात्स्की में बिजली कटौती, मोबाइल सेवाएं बाधित होने और घरों में अलमारियां गिरने की खबरें हैं।

जापान की टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी (टीईपीसीओ) ने बीबीसी को बताया कि सुनामी के खतरे को देखते हुए फुकुशिमा दाइची और दाइनी न्यूक्लियर प्लांट के कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। 2011 की सुनामी ने फुकुशिमा दाइची प्लांट को भारी नुकसान पहुंचाया था, जिसके कारण रेडियोधर्मी रिसाव हुआ था। इस इतिहास को ध्यान में रखते हुए, जापान ने एहतियातन प्लांट को खाली करवाया है।

हवाई में सुनामी की चेतावनी के बाद भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी हुई है। लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं, लेकिन कई रास्तों को बंद कर दिया गया है। नेशनल सुनामी चेतावनी केंद्र ने अलास्का, कैलिफोर्निया, ओरेगन, वाशिंगटन और हवाई के लिए चेतावनी जारी की है, जहां 3 से 12 फीट ऊंची लहरें उठने की आशंका है।

अमेरिका के समोआ, गुआम, कोलंबिया, कुक आइलैंड्स, फिजी, गुआटेमाला, होलैंड एंड बेकर, इंडोनेशिया, जार्विस आइलैंड और कोस्टा रिका में भी सुनामी का खतरा मंडरा रहा है। जापान के होक्काइदो और होन्शू क्षेत्रों के लिए सुनामी चेतावनी जारी की गई है, जबकि शिकोको और क्यूशू के लिए एडवाइजरी दी गई है। रूस के कुरील द्वीपों में सुनामी की पहली लहर पहुंच चुकी है, लेकिन निवासी सुरक्षित हैं और ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं।

यह भूकंप रूस के कामचटका प्रायद्वीप के पास 30 जुलाई 2025 को सुबह 8:25 बजे (स्थानीय समय) आया, जिसकी तीव्रता 8.7 से 8.8 मापी गई। जापान मौसम एजेंसी ने चेतावनी दी है कि जब तक सुनामी चेतावनी वापस नहीं ली जाती, लोग समुद्र तटों या नदियों के किनारे न जाएं। यह क्षेत्र प्रशांत रिंग ऑफ फायर का हिस्सा है, जो भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियों के लिए जाना जाता है। 1952 में कामचटका में 9.0 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसने हवाई तक तबाही मचाई थी।

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