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पाकिस्तान ने अमेरिका को धोखा दिया? शहबाज ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम का किया समर्थन

इस्लामाबाद: अमेरिका द्वारा हाल ही में ईरान के फोर्डो, नतांज और इस्फहान न्यूक्लियर साइटों पर बी-2 स्टील्थ बॉम्बर्स और टॉमहॉक मिसाइलों से किए गए हमलों के बाद पाकिस्तान ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम का खुलकर समर्थन किया है। अफगान न्यूज एजेंसी खामा की एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रविवार (3 अगस्त 2025) को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ बातचीत में कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और उसे परमाणु ऊर्जा विकसित करने का पूरा अधिकार है।

पेजेशकियन शनिवार को पाकिस्तान के दो दिवसीय दौरे पर लाहौर पहुंचे, जहां उनका स्वागत पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने किया। इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा और सीमा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में 12 सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। शरीफ ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इजरायल के जून 2025 में ईरान पर किए गए हमलों की निंदा की और कहा कि इन हमलों का कोई औचित्य नहीं था। उन्होंने दोनों देशों के बीच व्यापार को मौजूदा 3 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 10 बिलियन डॉलर करने का लक्ष्य रखा।

पेजेशकियन ने पाकिस्तान को “दूसरा घर” बताते हुए उसके समर्थन की सराहना की और कहा कि ईरान-पाकिस्तान के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक रिश्ते गहरे हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव और आतंकवाद से संबंधित मुद्दे चुनौतियां बने हुए हैं। इस दौरे को क्षेत्रीय स्थिरता और ईरान-अमेरिका तनाव को कम करने की दिशा में पाकिस्तान की कूटनीतिक कोशिशों के रूप में देखा जा रहा है।

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