क्रिकेट प्रेमियों! एक बार फिर से ‘दादा’ की दहाड़ सुनने को तैयार हो जाइए! भारत के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली क्रिकेट प्रशासन में एक बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। जी हां, खबर है कि गांगुली बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन (CAB) के अध्यक्ष पद पर वापसी करने जा रहे हैं। आइए, जानते हैं इस बड़े फैसले के बारे में और क्या खास है इस बार!
सौरव गांगुली, जिन्हें ‘प्रिंस ऑफ कोलकाता’ कहा जाता है, भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले गए। 2000 में, जब भारतीय क्रिकेट मैच फिक्सिंग के दाग से जूझ रहा था, तब गांगुली ने कप्तानी संभाली और टीम इंडिया को एक नई पहचान दी। उनके नेतृत्व में भारत ने 2003 वर्ल्ड कप का फाइनल खेला और विदेशी धरती पर टेस्ट सीरीज जीतीं।
2019 से 2022 तक बीसीसीआई अध्यक्ष के रूप में गांगुली ने भारतीय क्रिकेट को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। लेकिन अब, तीन साल बाद, वह अपने गृह राज्य बंगाल के लिए क्रिकेट प्रशासन में वापसी करने जा रहे हैं। खबर है कि गांगुली CAB के अध्यक्ष पद पर अपने भाई स्नेहाशीष गांगुली की जगह ले सकते हैं।
गांगुली इससे पहले भी CAB के अध्यक्ष रह चुके हैं और उनके नेतृत्व में बंगाल क्रिकेट ने कई उपलब्धियां हासिल की थीं। अब उनकी वापसी से बंगाल क्रिकेट को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, यह फैसला सर्वसम्मति से होगा या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। लेकिन गांगुली का अनुभव और उनकी जुनूनी नेतृत्व शैली निश्चित रूप से बंगाल क्रिकेट के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है।
गांगुली ने हमेशा युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा दिया है। चाहे वह एमएस धोनी, युवराज सिंह, या वीरेंद्र सहवाग को मौका देना हो, या फिर रोहित शर्मा को कप्तान बनाने का फैसला, गांगुली का विजन हमेशा दूरदर्शी रहा है। अब CAB के अध्यक्ष के रूप में, वह बंगाल के युवा क्रिकेटरों को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।

