जम्मू में भारी बारिश के बाद की तबाही में अब तक 41 लोगों की जान जा चुकी है. श्राइन बोर्ड ने शवों को उनके परिवारों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी ली है.
जम्मू-कश्मीर के डोडा ज़िले में देर रात फिर से भयंकर तबाही का मंजर देखने को मिला। अचानक गिरे मलबे और भूस्खलन जैसी घटनाओं से कई घर पूरी तरह ढह गए। प्रशासन और राहत दलों की टीमें मौके पर पहुंची हैं, लेकिन दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण राहत कार्यों में भारी मुश्किलें सामने आ रही हैं।
आपदा के चलते अब तक जम्मू संभाग में कुल 41 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई परिवार अब भी मलबे में दबे हो सकते हैं, जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है।
अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों में आपात बलों को तैनात कर दिया है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। सेना और SDRF की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। इस बीच, प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।
ग्रामीण इलाकों में भारी दहशत का माहौल है। पूरे क्षेत्र के लोग इस प्राकृतिक आपदा से हिल चुके हैं और बेघर हुए परिवार राहत शिविरों में पनाह ले रहे हैं।

