यमुना नदी का जलस्तर दिल्ली में लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। मंगलवार सुबह यमुना का जलस्तर पुराने रेलवे पुल पर खतरे के निशान 205.33 मीटर को पार कर 205.80 मीटर तक पहुंच गया, जबकि बुधवार तक यह बढ़कर 206.78 मीटर तक पहुंच चुका है। भारी बारिश और हरियाणा के हथिनीकुंड, वजीराबाद, और ओखला बैराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण राजधानी में बाढ़ का खतरा बढ़ा है।
यमुना का पानी कई निचले इलाकों जैसे मयूर विहार, यमुना बाजार, झरोड़ा कलां, कश्मीरी गेट, वासुदेव घाट आदि में घरों और सड़कों में घुस गया है। स्थानीय लोग अपने घरों में फंसे हुए हैं, जिन्हें बचाव दलों द्वारा सुरक्षित शिविरों और सुरक्षित स्थलों तक पहुंचाया जा रहा है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने संकट की तस्वीर को समझते हुए प्रशासन को पूरी तैयारी का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया और प्रभावितों को आवश्यक मदद उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।
अधिकारियों ने जनता से सावधानी बरतने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होने की अपील की है। बचाव कार्यों के लिए नावों और डिजिटल उपकरणों का सहारा लिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले 24 से 48 घंटे संकटपूर्ण रहेंगे क्योंकि बैराजों से पानी की निकासी जारी है और मजबूत बारिश का अनुमान भी है। प्रशासन ने समय-समय पर अपडेट्स जारी करते हुए लोगों को जागरूक किया है ताकि बचाव कार्य प्रभावी ढंग से किए जा सकें।
दिल्ली में यमुना का बढ़ता जलस्तर किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है। प्रशासन इस संकट से निपटने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है, लेकिन आम जनता के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण समय है।

