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पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्रों का बवाल: सीनेट चुनाव की मांग पर प्रदर्शन, पुलिस ने कड़ा सुरक्षा बंदोबस्त किया l

चंडीगढ़ में पंजाब विश्वविद्यालय के छात्रों ने शैक्षणिक लोकतंत्र की रक्षा और सीनेट चुनाव की घोषणा की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया है। छात्रों का यह आंदोलन ‘पंजाब यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा’ के बैनर तले चला, जिसमें छात्रधरना, मार्च और कई उग्र प्रदर्शन देखने को मिले। छात्रों के आंदोलन को पंजाब के किसान संगठनों, पंथक जत्थों और सामाजिक समूहों ने भी समर्थन दिया, जिससे विश्वविद्यालय का परिसर लगभग एक पुलिस छावनी में तब्दील हो गया l

छात्रों का कहना है कि सीनेट चुनाव विश्वविद्यालय के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने के लिए जरूरी है, लेकिन पिछले एक वर्ष से चुनाव नहीं हुए हैं। इस मांग को लेकर छात्रों ने पूरे परिसर में विरोध जताया, जिसमें पुलिस बैरिकेड्स और गेट तोड़ने की कोशिशें भी शामिल रहीं। प्रदर्शन के चलते विश्वविद्यालय के प्रमुख गेटों पर भारी पुलिस तैनात की गई और आसपास की सड़कों पर सुरक्षा चेक पोस्ट स्थापित किए गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए हल्का लाठीचार्ज भी किया।

शिक्षा मंत्रालय ने अक्टूबर में सीनेट और सिंडिकेट के पुनर्गठन का आदेश जारी किया था, जिसे छात्रों और पंजाबी संगठनों ने विश्वविद्यालय के अधिकारों पर हमला बताया। विरोध के बाद सरकार ने यह आदेश वापस ले लिया, लेकिन छात्रों ने अब सीनेट चुनाव तुरंत कराने की मांग तेज कर दी है। प्रदर्शनकारी छात्रों का यह आंदोलन अब राजनीतिक रंग भी ले चुका है, जिसमें निहंग जत्थे और पूर्व छात्र भी हिस्सा ले रहे हैं।

कुलपति रेणु विग ने सभी समूहों से विश्वविद्यालय के शैक्षणिक चरित्र का सम्मान करने की अपील की है और शांति बनाए रखने की सलाह दी है, वहीं पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था पूरी कर विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार की हिंसा रोकने का प्रयास जारी रखा है।

छात्रों की मुख्य मांग है: सीनेट चुनाव त्वरित घोषणा

प्रदर्शन में शामिल हुए: विद्यार्थी, किसान संगठन, पंथक जत्थे, सामाजिक संगठन

पुलिस तैनाती: विश्वविद्यालय के सभी प्रवेश द्वारों पर कड़ी सुरक्षा

प्रदर्शन की स्थिति: गेट तोड़ने के प्रयास, पुलिस से झड़प, हल्का लाठीचार्ज

प्रशासन का पक्ष: संवाद और शांति स्थापना की कोशिशें जारी

सरकार की कार्रवाई: विवादित पुनर्गठन आदेश वापस लिया, लेकिन चुनाव तिथि घोषित नहीं

“पंजाब यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन का सैलाब, छात्रों ने सीनेट चुनाव की मांग पर कैंपस को पुलिस छावनी बनाया”

यह प्रदर्शन पंजाब विश्वविद्यालय के लोकतंत्र की रक्षा और प्रशासन में पारदर्शिता की मांग का प्रतीक है, जो विश्वविद्यालय की स्वतंत्रता और छात्रों के अधिकारों के लिए रिक्तकालीन नेताओं और केंद्र सरकार के बीच जारी संघर्ष को दर्शाता है।

इस घटना से स्पष्ट है कि पंजाब विश्वविद्यालय में शिक्षा और छात्र स्वतंत्रता की स्मरणीय लड़ाई अभी जारी है, जिसमें संवाद के साथ-साथ धैर्य और संयम की भी जरूरत है।​

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