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लुधियाना में निजी अस्पताल पर टीके की कीमत को लेकर गंभीर आरोप, परिवार ने किया धरना प्रदर्शन

पंजाब के लुधियाना शहर में एक निजी अस्पताल टीके की कथित अधिक कीमत वसूलने को लेकर विवादों में घिर गया है। मरीज के परिवार ने आरोप लगाया है कि अस्पताल की दवा की दुकान पर ₹500 में मिलने वाला टीका ₹7,500 में बेचा जा रहा था। जब परिवार ने इस पर आपत्ति जताई, तो दवा की दुकान के मालिक ने वही टीका ₹5,000 में देने की पेशकश की।

इस मामले को लेकर मरीज के परिजनों ने अस्पताल के बाहर धरना प्रदर्शन किया। शिरोमणि अकाली दल के यूथ विंग नेता जसदीप सिंह कौंके भी परिवार के समर्थन में विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।

वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। अस्पताल का कहना है कि यदि परिवार को दवाओं की दरों को लेकर कोई शिकायत है, तो वे सिविल सर्जन के पास लिखित शिकायत दर्ज कराएं, जिसका जवाब नियमानुसार दिया जाएगा।

जसदीप सिंह कौंके ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके दोस्त की मां का ब्लड प्रेशर अचानक काफी बढ़ गया था, जिसके बाद उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद मरीज को भर्ती किया और पांच टीके मंगवाए, जिनमें से दो टीके रात में लगाए गए।

कौंके के अनुसार, सुबह स्टाफ बदलने के बाद फिर से पांच टीके मंगवाए गए। जब उनका दोस्त दवा की दुकान पर पहुंचा तो उसने पूछा कि क्या ये वही टीके हैं जो रात में लगाए गए थे। कर्मचारी ने हां में जवाब दिया, जिसके बाद उसने दो टीके लेकर वार्ड में पहुंचा।

उसने स्टाफ को बताया कि रात के तीन टीके अभी भी बचे हुए हैं, लेकिन स्टाफ ने पहले इससे इनकार कर दिया। जब उसने विरोध किया, तो पास ही से तीन टीके बरामद हुए। इसके बाद इलाज दोबारा शुरू किया गया।

कुछ समय बाद स्टाफ ने फिर एक पर्ची दी और मरीज के दोस्त को दवा की दुकान से दवाएं लाने के लिए कहा गया। जब वह दवाएं लेने पहुंचा तो कुल कीमत ₹24,000 बताई गई। इतने पैसे न होने पर उसने सस्ती कीमत पर दवाएं देने की बात कही और जसदीप सिंह कौंके को अस्पताल बुलाया।

कौंके ने बताया कि अस्पताल पहुंचकर उन्होंने दवाओं की कीमतों की जांच की। ऑनलाइन जांच में पता चला कि जिस टीके की कीमत ₹7,500 बताई जा रही थी, वही टीका बाजार और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ₹500 में उपलब्ध था। अन्य मेडिकल दुकानों पर भी इसकी कीमत ₹500 ही पाई गई।

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