पंजाब सरकार ने राज्य के लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना से प्रदेश के करीब तीन करोड़ लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
पंजीकरण के लिए सरकार ने स्पष्ट किया है कि परिवार के कम से कम दो सदस्यों का एक साथ उपस्थित होना अनिवार्य होगा। इसके बाद परिवार के अन्य सदस्य बाद में भी अपना नाम जुड़वा सकते हैं। पंजीकरण से पहले अपॉइंटमेंट पर्ची होना जरूरी है, जिसे वार्ड और गांव स्तर पर यूथ क्लब और आम आदमी पार्टी के यूथ विंग द्वारा घर-घर जाकर वितरित किया जाएगा। इसके बाद लाभार्थी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर पंजीकरण करा सकेंगे।
इस योजना के अंतर्गत पंजाब का कोई भी निवासी और उसके परिवार के सदस्य पात्र होंगे। पंजीकरण के लिए आधार कार्ड और निवास प्रमाण के रूप में वोटर आईडी कार्ड जरूरी है। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए उनका आधार कार्ड और माता-पिता या अभिभावक का वोटर आईडी मान्य होगा। पहले से आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को इस योजना में 5 लाख रुपये का अतिरिक्त टॉप-अप भी मिलेगा।
परिवार की परिभाषा में पति-पत्नी, या तलाकशुदा व्यक्ति और उनके नाबालिग बच्चे, साथ ही विधवा बहू और उसके नाबालिग बच्चे शामिल होंगे। पंजीकृत परिवार के आकार की कोई सीमा नहीं रखी गई है, लेकिन एक व्यक्ति एक से अधिक परिवारों में पंजीकृत नहीं हो सकता। इसके लिए परिवार के मुखिया को पंजीकरण के समय घोषणा पत्र देना होगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सरकारी विभागों, निगमों, ट्रस्टों और सोसायटियों में कार्यरत नियमित, ठेका और आउटसोर्स कर्मचारी, साथ ही पेंशनभोगी भी इस योजना के पात्र होंगे। हालांकि ईएसआईसी, सीजीएचएस या अन्य सरकारी बीमा योजनाओं के लाभार्थी किसी एक योजना का ही लाभ ले सकेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार, यह योजना पहले की पांच लाख रुपये वाली योजना से कहीं अधिक व्यापक है। जहां पिछली योजना में 1,669 बीमारियों का इलाज शामिल था, वहीं मुख्यमंत्री सेहत योजना में 2,300 से अधिक उपचार पैकेज शामिल किए गए हैं। इनमें हृदय रोग, कैंसर, किडनी डायलिसिस और ट्रांसप्लांट, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, जनरल मेडिसिन, प्रसूति एवं नवजात देखभाल, आईसीयू सेवाएं और आपातकालीन इलाज जैसी सेकेंडरी और टर्शियरी लेवल की चिकित्सा सेवाएं शामिल हैं।
लाभार्थी राज्य के 824 से अधिक इम्पैनल्ड अस्पतालों में मुफ्त इलाज करा सकेंगे। इनमें 212 सरकारी अस्पताल, पीजीआई चंडीगढ़ सहित केंद्र सरकार के आठ अस्पताल और 600 से अधिक निजी अस्पताल शामिल हैं। जरूरत पड़ने पर राज्य से बाहर इलाज की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
योजना को हाइब्रिड मॉडल पर लागू किया गया है। इसके लिए सरकार ने यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के साथ अनुबंध किया है। बीमा कंपनी एक लाख रुपये तक के दावों का निपटारा करेगी, जबकि इससे अधिक राशि की जिम्मेदारी राज्य स्वास्थ्य एजेंसी वहन करेगी।
मुख्यमंत्री सेहत योजना को पंजाब सरकार की अब तक की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं में से एक माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य आम लोगों को महंगे इलाज की चिंता से मुक्त करना और प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना है।

