हरियाणा के सोनीपत जिले के गोहाना क्षेत्र के गांव भंडेरी में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। घर से महज करीब 50 मीटर की दूरी पर स्थित पानी से भरे नाले में डूबने से लगभग तीन वर्षीय मासूम कार्तिक की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि गांव में मातम पसरा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, कार्तिक रविवार शाम करीब साढ़े चार बजे घर के बाहर खेल रहा था। खेलते-खेलते वह पास में बने उस नाले की ओर चला गया, जिसे तालाब में पानी भरने के लिए बनाया गया था। कुछ समय पहले भंडारा वाले तालाब की सफाई के दौरान इसी नाले के जरिए जलसर वाले तालाब में पानी छोड़ा गया था। पानी डाले जाने के बाद भी नाले में काफी मात्रा में पानी जमा रहा। आशंका है कि खेलते समय कार्तिक का पैर फिसला और वह गहरे पानी में जा गिरा। नाला गहरा होने और पानी अधिक होने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका और डूब गया।
जब काफी देर तक कार्तिक घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। आसपास खोजबीन के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस को सूचना दी गई। देर शाम तलाश के दौरान नाले से कार्तिक का शव बरामद हुआ। मासूम का शव मिलते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि नाले के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी नाले के पास कांटेदार झाड़ियां या घेराबंदी करने की मांग की गई थी, लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। उनका मानना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए जाते तो यह हादसा टल सकता था।
कार्तिक के पिता सचिन, जो निजी नौकरी करते हैं, अपने इकलौते बेटे को खोकर सदमे में हैं। कार्तिक से बड़ी उसकी दो बहनें हैं। परिवार के लिए यह अपूरणीय क्षति है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है।
गौरतलब है कि हाल ही में नोएडा में भी पानी से भरे गड्ढे में गिरने से एक युवक की मौत की घटना सामने आई थी। लगातार सामने आ रहे ऐसे हादसे सुरक्षा प्रबंधों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।

