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लुधियाना में बनेगा देश का पहला ‘हाईवे पार्किंग’ प्रोजेक्ट, 750 गाड़ियों की होगी सुविधा

पंजाब का औद्योगिक शहर लुधियाना अब देश में एक नई पहल के साथ मिसाल बनने जा रहा है। शहर में पहली बार किसी नेशनल हाईवे के दोनों ओर संगठित पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने भारत नगर चौक से सिधवां कैनाल तक फिरोजपुर रोड पर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दे दी है। यह प्रोजेक्ट देश का पहला ऐसा “हाईवे पार्किंग” मॉडल होगा, जिसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लुधियाना में लागू किया जा रहा है।

रविवार को निकाय मंत्री संजीव अरोड़ा ने इस परियोजना का शुभारंभ किया। योजना के तहत फिरोजपुर रोड के दोनों किनारों पर करीब 750 वाहनों की पार्किंग क्षमता विकसित की जाएगी। इस साल के अंत तक इसका निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पार्किंग बनने के बाद खासतौर पर घुमार मंडी और डीसी दफ्तर क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही पार्किंग समस्या से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

गौरतलब है कि फिरोजपुर रोड पर घुमार मंडी समेत कई प्रमुख बाजार स्थित हैं, जहां रोजाना भारी संख्या में लोग खरीदारी और अन्य कार्यों के लिए पहुंचते हैं। पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण लोग सड़कों के किनारे वाहन खड़े करने को मजबूर होते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद वाहन चालक निर्धारित शुल्क देकर सुरक्षित रूप से अपने वाहन पार्क कर सकेंगे और पैदल बाजार या दफ्तर तक आसानी से पहुंच पाएंगे।

यह परियोजना लगभग ढाई किलोमीटर लंबे हिस्से में विकसित की जाएगी। आरती चौक, भाई बाला चौक और रानी झांसी रोड से जुड़े इलाकों के लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। विशेष रूप से डीसी दफ्तर के सामने पार्किंग बनने से वहां आने वाले लोगों को बड़ी सहूलियत होगी।

इस योजना को बिल्ट ऑपरेट एंड ट्रांसफर (बीओटी) मॉडल पर विकसित किया जा रहा है। निर्माण पर आने वाला पूरा खर्च संबंधित कंपनी वहन करेगी और वह अगले 10 वर्षों तक इस पार्किंग का संचालन करेगी। इसके बाद इसे ट्रांसफर कर दिया जाएगा। पार्किंग क्षेत्र में कियोस्क बनाए जाएंगे, जहां आम लोगों के लिए खान-पान की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है। साथ ही कंपनी को विज्ञापन बोर्ड लगाने की अनुमति भी होगी, जिससे उसे राजस्व प्राप्त होगा।

इस परियोजना को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष भी उठाया गया था, जिसके बाद इसे हरी झंडी मिली। पहले हाईवे के बीच खाली स्थान पर पार्किंग बनाने का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया था, लेकिन अब हाईवे के किनारे लगभग 15 से 20 फुट के खाली क्षेत्र में इसे विकसित किया जाएगा।

यह पहल न केवल लुधियाना की ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाएगी, बल्कि शहर के सौंदर्यीकरण में भी अहम भूमिका निभाएगी। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो भविष्य में देश के अन्य शहरों में भी इसी तर्ज पर हाईवे पार्किंग मॉडल लागू किया जा सकता है।

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