पंजाब सरकार ने राज्य के विकास और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई अहम फैसले लिए हैं। कैबिनेट बैठक में नई आबकारी (एक्साइज) नीति को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत वर्ष 2026-27 के लिए 12,800 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई नीति के बावजूद शराब की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी। वर्ष 2022-23 में जहां आबकारी राजस्व लगभग 6,200 करोड़ रुपये था, वहीं पिछले वर्ष यह बढ़कर 11,200 करोड़ रुपये से अधिक हो गया। सरकार का दावा है कि नई नीति से राजस्व में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।
नई नीति के तहत लाइसेंस रिन्यूअल का विकल्प 6.5 प्रतिशत वृद्धि के साथ दिया गया है, जबकि नवीनीकरण न कराने वाले समूहों को ई-टेंडरिंग प्रक्रिया से गुजरना होगा। पहली बार राज्य में माल्ट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और सिंगल माल्ट उत्पादन के लिए नियम बनाए जा रहे हैं, जिससे पंजाब में बॉटलिंग के साथ-साथ डिस्टिलिंग और उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का कहना है कि इससे निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। लाइसेंस प्रक्रिया में मानव हस्तक्षेप कम कर तकनीक आधारित पारदर्शी व्यवस्था लागू की गई है, जिससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का प्रयास किया गया है।
स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने ग्रुप-सी श्रेणी में 361 स्टाफ नर्स पदों को मंजूरी दी है। इसके अलावा, कोविड-19 महामारी के दौरान सेवाएं देने वाले वॉलंटियर्स को नर्सिंग और पैरामेडिकल भर्तियों में विशेष वेटेज देने का फैसला किया गया है। एक वर्ष से कम सेवा देने वाले स्वयंसेवकों को 5 अंक और एक वर्ष से अधिक सेवा देने वालों को 10 अंक दिए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने वालों को उचित सम्मान और अवसर मिलेगा।
योजना विभाग के अंतर्गत आर्थिक नीति एवं योजना बोर्ड का भी विस्तार किया गया है। बोर्ड में गैर-सरकारी विशेषज्ञों के पद तीन से बढ़ाकर पांच कर दिए गए हैं। दो नए पद सृजित किए गए हैं, जिन पर जल्द नियुक्तियां होंगी। इस बोर्ड में मुख्यमंत्री चेयरमैन और वित्त मंत्री वाइस चेयरमैन होते हैं। सरकार का कहना है कि विशेषज्ञों की संख्या बढ़ने से राज्य की आर्थिक नीतियों के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।
कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर भी सख्ती दिखाई गई है। सरकार ने गैंगस्टरों, आर्थिक अपराधियों और नशा तस्करों को पकड़ने के लिए इनाम राशि बढ़ा दी है। एसएसपी स्तर तक एक लाख रुपये, आईजी/डीआईजी स्तर पर डेढ़ लाख रुपये, एडीजीपी स्तर तक दो लाख रुपये और डीजीपी स्तर पर दो लाख रुपये से अधिक इनाम देने का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य पुलिस और खुफिया तंत्र को प्रोत्साहित करना और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को तेज करना है।
अवैध शराब के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया है। अब तक 4,006 एफआईआर दर्ज, 432 लोगों की गिरफ्तारी और 455 वाहनों की जब्ती की गई है। 2,628 छापेमारियों में 1,76,552 बोतल अवैध शराब, 82,990 लीटर इथेनॉल और 6,794 लीटर अवैध शराब बरामद की गई है। साथ ही 304 अवैध भट्टियां पकड़ी गई हैं। सरकार का दावा है कि सख्त प्रवर्तन के कारण अवैध कारोबार पर लगाम लगी है और राज्य के राजस्व को सीधा लाभ मिला है।
इस बीच, पंजाब विधानसभा का बजट सत्र 6 मार्च से 16 मार्च तक आयोजित होगा, जिसमें आगामी वित्तीय वर्ष की योजनाओं और कार्यक्रमों की रूपरेखा पेश की जाएगी। सरकार का कहना है कि पारदर्शी नीतियों, सख्त कार्रवाई और प्रशासनिक सुधारों के कारण राज्य के राजस्व में वृद्धि हुई है तथा अपराध और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।

