ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की कथित मौत की खबर के बाद उत्तर प्रदेश के जौनपुर में शिया समुदाय के लोगों ने तीव्र आक्रोश व्यक्त किया। रविवार को जिले के विभिन्न इलाकों से हजारों की संख्या में पुरुष, महिलाएं और बच्चे सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में खामेनेई के पोस्टर और काले झंडे लेकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की।
शहर के कल्लू इमामबाड़ा पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए, जहां विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान “तुम एक हुसैनी मारोगे, हर घर से एक और हुसैनी निकलेगा” जैसे नारे गूंजते रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शहादत से आंदोलन समाप्त नहीं होगा, बल्कि और अधिक मजबूत होकर सामने आएगा। माहौल गमगीन होने के साथ-साथ भावनात्मक रूप से काफी उग्र भी दिखाई दिया।
प्रमुख शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने इस घटना को ‘कायरतापूर्ण हमला’ बताया और तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार अयातुल्ला खामेनेई शहादत की भावना के साथ जीवन जीते थे और उनकी मृत्यु को समुदाय शहादत के रूप में देख रहा है। मौलाना ने पूरे देश में शिया समुदाय से तीन दिन का शोक मनाने की अपील की है। उन्होंने लोगों से स्वेच्छा से बाजार और कारोबार बंद रखने तथा शोक सभाएं और कैंडल मार्च आयोजित करने का आह्वान किया। साथ ही घरों पर काले झंडे लगाकर विरोध दर्ज कराने की बात कही।
स्थिति को देखते हुए जौनपुर में पुलिस और प्रशासन अलर्ट पर है। कल्लू इमामबाड़ा सहित अन्य संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन एहतियातन सतर्क बना हुआ है।

