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मिशन समर्थ 4.0 लॉन्च, पंजाब के सरकारी स्कूलों में आएगा बड़ा बदलाव

पंजाब में शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ‘मिशन समर्थ 4.0’ की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम को हरजोत सिंह बैंस और मनीष सिसोदिया ने लॉन्च किया। यह पहल सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को वैश्विक स्तर तक ले जाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

राज्य सरकार के अनुसार, ‘मिशन समर्थ 4.0’ के तहत शिक्षा प्रणाली को और अधिक प्रभावी और परिणाम-उन्मुख बनाया जाएगा। इस योजना का मुख्य फोकस बच्चों को उनके कक्षा स्तर के बजाय उनके सीखने के स्तर के अनुसार शिक्षा देना है। इसके लिए नियमित मूल्यांकन, गतिविधि-आधारित पढ़ाई और शिक्षकों को लगातार मार्गदर्शन देने जैसी रणनीतियों को अपनाया जा रहा है, ताकि हर छात्र की सीखने की क्षमता को बेहतर बनाया जा सके।

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने शिक्षा बजट को बढ़ाकर 19,279 करोड़ रुपये कर दिया है। यह राशि पहले 12,657 करोड़ रुपये थी, जिससे यह साफ होता है कि सरकार शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता दे रही है। उनका कहना है कि यह फंड सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सीधे स्कूलों और कक्षाओं तक पहुंचेगा, जिससे बुनियादी ढांचे और शिक्षा के स्तर में सुधार होगा।

इस मिशन के तहत एक अहम कदम राज्य स्तरीय उपस्थिति ट्रैकिंग सिस्टम की शुरुआत भी है। इसके जरिए अभिभावकों को रोजाना एसएमएस के माध्यम से बच्चों की उपस्थिति की जानकारी दी जाएगी। यदि कोई बच्चा लगातार सात दिनों तक अनुपस्थित रहता है तो जिला स्तर पर उसके अभिभावकों से संपर्क किया जाएगा, जबकि 15 दिन से अधिक अनुपस्थिति होने पर राज्य स्तर से हस्तक्षेप किया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना और पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखना है।

मनीष सिसोदिया ने इस पहल को शिक्षा सुधार की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए कहा कि पंजाब ने पहले ही ‘परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024’ में बेहतर प्रदर्शन कर अपनी क्षमता साबित की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकारी स्कूल भी देश का नेतृत्व कर सकते हैं और ‘मिशन समर्थ 4.0’ इसी दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास है। उन्होंने यह भी कहा कि हर बच्चे को आईआईटी तक पहुंचाना संभव नहीं है, लेकिन यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि कोई भी बच्चा न्यूनतम सीखने के स्तर से नीचे न रहे।

सरकार का मानना है कि इस अभियान से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि स्कूलों में जवाबदेही भी बढ़ेगी। अभिभावकों और स्कूलों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा, जिससे बच्चों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। ‘मिशन समर्थ 4.0’ को पंजाब की शिक्षा क्रांति के अगले चरण के रूप में देखा जा रहा है, जो राज्य को राष्ट्रीय स्तर से आगे बढ़ाकर वैश्विक उत्कृष्टता की दिशा में ले जाने का लक्ष्य रखता है।

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