पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। इसी क्रम में अमित शाह ने बीरभूम जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और विकास जैसे मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार को घेरा और कहा कि बंगाल की जनता अब बदलाव चाहती है।
बीरभूम के मयूरश्वर स्थित पल्ली मंगल क्लब मैदान में आयोजित रैली में अमित शाह ने महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरजी कर रेप केस का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी के उस बयान की आलोचना की, जिसमें महिलाओं को शाम 7 बजे के बाद घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई थी। शाह ने कहा कि एक महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पाई है।
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को एक मजबूत विकल्प बताते हुए कहा कि यदि राज्य में बीजेपी की सरकार बनती है तो कानून-व्यवस्था में बड़ा सुधार किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि ऐसा माहौल बनाया जाएगा जहां महिलाएं रात के समय भी सुरक्षित महसूस करेंगी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी बंगाल को भय और हिंसा से मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
रैली के दौरान अमित शाह ने टीएमसी पर राज्य में हिंसा और डर का माहौल बनाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान बम और हिंसा के जरिए जनता को डराने की कोशिश की जाती है, लेकिन इस बार जनता इसका जवाब वोट से देगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे मतदान के जरिए बदलाव लाएं और लोकतंत्र को मजबूत करें।
इसके साथ ही उन्होंने सीमा सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार सीमा पर बाड़ लगाने के लिए पर्याप्त सहयोग नहीं कर रही है। उन्होंने वादा किया कि अगर बीजेपी सत्ता में आती है तो 45 दिनों के भीतर सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर भी सख्त रुख अपनाने की बात कही।
अमित शाह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, जिनमें शांति निकेतन को यूनेस्को की विरासत सूची में शामिल कराना और बंगाली भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिलाना शामिल है। उन्होंने यह भी दोहराया कि बीजेपी पश्चिम बंगाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पश्चिम बंगाल में 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होना है, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल पूरी ताकत झोंक रहे हैं, जहां एक ओर बीजेपी सत्ता में आने की कोशिश में है, वहीं टीएमसी अपनी सत्ता बरकरार रखने के लिए मैदान में है।

