पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं, और इसी बीच Amit Shah (अमित शाह) ने राज्य में अपनी रणनीति को और धार देते हुए “साइलेंट मिशन” के तहत जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी है। केंद्रीय गृह मंत्री न केवल चुनावी सभाएं कर रहे हैं, बल्कि रात्रि प्रवास के जरिए सीधे कार्यकर्ताओं से जुड़कर स्थानीय हालात को समझने की कोशिश कर रहे हैं। उनका यह तरीका पारंपरिक प्रचार से अलग माना जा रहा है, जिसमें शोर-शराबे से दूर रहकर संगठन को भीतर से मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
भारतीय जनता पार्टी यानी Bharatiya Janata Party (भारतीय जनता पार्टी) ने संगठनात्मक दृष्टि से पश्चिम बंगाल को पांच संभागों में विभाजित किया है। इन संभागों में सिलीगुड़ी, बालुरघाट, दुर्गापुर, खड़गपुर और हुगली शामिल हैं। Amit Shah (अमित शाह) इन सभी क्षेत्रों में प्रचार के साथ-साथ रात्रि प्रवास कर मल्टीलेवल बैठकों के जरिए पार्टी की तैयारियों और कमियों का आकलन कर रहे हैं।
अब तक गृह मंत्री दो संभागों—खड़गपुर और दुर्गापुर—में रात्रि प्रवास कर चुके हैं। 10 अप्रैल को उन्होंने कोलकाता में पार्टी का संकल्प पत्र जारी करने के बाद डेबरा में जनसभा और खड़गपुर में रोड शो किया। इसके बाद उन्होंने रात में कार्यकर्ताओं के साथ लंबी बैठक की, जो करीब चार घंटे से अधिक चली। इस बैठक में लोकसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं और प्रवासी नेताओं से सीधे संवाद कर जमीनी फीडबैक लिया गया। इसके बाद जिलों की कोर इलेक्शन टीम और संभागीय कोर ग्रुप के साथ अलग-अलग बैठक कर रणनीति तय की गई।
इसी तरह 13 अप्रैल को Amit Shah (अमित शाह) ने बोलपुर, वीरभूम और पश्चिमी वर्धमान में जनसभाएं कीं और दुर्गापुर में रोड शो किया। इसके बाद उन्होंने दुर्गापुर में रात्रि प्रवास कर कार्यकर्ताओं के साथ विस्तृत बैठक की, जो देर रात तक चली। इस दौरान विभिन्न लोकसभा सीटों के कार्यकर्ताओं और नेताओं से बातचीत कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा की गई और पहले मिले फीडबैक के आधार पर आगे की रणनीति तैयार की गई।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, अभी तीन और संभाग—सिलीगुड़ी, बालुरघाट और हुगली—में इस तरह की बैठकें प्रस्तावित हैं। Amit Shah (अमित शाह) इन बैठकों के जरिए न केवल संगठन की स्थिति को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित कर समस्याओं के त्वरित समाधान पर भी जोर दे रहे हैं। माना जा रहा है कि चुनाव के दौरान उनका यह “साइलेंट मिशन” बीजेपी की रणनीति का अहम हिस्सा है, जिसके जरिए बिना अधिक शोर-शराबे के ग्राउंड लेवल की सटीक जानकारी पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाई जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार पश्चिम बंगाल में बीजेपी पारंपरिक प्रचार के साथ-साथ संगठनात्मक मजबूती पर विशेष ध्यान दे रही है। Amit Shah (अमित शाह) का रात्रि प्रवास और लंबी बैठकों का सिलसिला इसी दिशा में एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है, जिससे पार्टी चुनावी मैदान में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है।

