पंजाब में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने ‘मां एवं बेटी सम्मान योजना’ के तहत पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना का शुभारंभ Bhagwant Mann (भगवंत मान) ने जालंधर से किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दीक्षा कौर, सिमरन कौर, अमरजीत कौर, हरबंस कौर और निशा को प्रमाण पत्र वितरित कर योजना की औपचारिक शुरुआत की।
मुख्यमंत्री Bhagwant Mann (भगवंत मान) ने कहा कि इस योजना के तहत महिलाओं को पैसे मिलने में देरी की चिंता करने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना शुरू होने के दिन ही लाभार्थियों को राशि वितरित कर दी जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी महिला का जाति प्रमाण पत्र बनने में देरी हो रही है, तो वह पंजीकरण प्रक्रिया को न रोके। जैसे ही प्रमाण पत्र जारी होगा, उन्हें योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
सरकार ने इस योजना को फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 9 विधानसभा क्षेत्रों में शुरू किया है, जिनमें आदमपुर, मलोट, श्री आनंदपुर साहिब, डिडबा, सुनाम, मोगा, कोटकापुरा, बटाला और पटियाला ग्रामीण शामिल हैं। इन क्षेत्रों में 15 अप्रैल से पंजीकरण शुरू हो चुका है। इसके बाद 15 मई से राज्य के बाकी 108 विधानसभा क्षेत्रों में भी इस योजना का विस्तार किया जाएगा।
योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को जुलाई से हर महीने 1,000 रुपये का मानदेय दिया जाएगा, जबकि अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह मिलेंगे। राज्य सरकार ने इस योजना के लिए 9,300 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है और इसके क्रियान्वयन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
इस दौरान Bhagwant Mann (भगवंत मान) ने महिलाओं से राजनीति में सक्रिय भागीदारी की भी अपील की। उन्होंने कहा कि जिस तरह महिलाएं घर की जिम्मेदारी संभालती हैं, उसी तरह देश और समाज के संचालन में भी उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बाबा साहेब के विचारों का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा महिलाओं को सशक्त बनाती है और अब समय आ गया है कि महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
राज्य सरकार की यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक और राजनीतिक रूप से सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

