दिल्ली से झांसी जा रही ताज एक्सप्रेस में उस समय हड़कंप मच गया, जब बीच रास्ते अज्ञात हमलावर ने ट्रेन पर हमला कर दिया। यह घटना दिल्ली-मथुरा रेलखंड पर होडल और कोसीकलां स्टेशन के बीच हुई, जहां ट्रेन के डी-6 कोच को निशाना बनाया गया। अचानक हुए इस हमले से यात्रियों में दहशत फैल गई और कई लोग डर के मारे सहम गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसी अज्ञात व्यक्ति ने चलती ट्रेन पर बाहर से लोहे की पाइप फेंकी, जो सीधे डी-6 कोच की इमरजेंसी खिड़की से टकराई। इस हमले में खिड़की का शीशा बुरी तरह टूट गया और उसके टुकड़े अंदर बैठे यात्रियों पर जा गिरे। इस घटना में दो यात्री घायल हो गए, जिन्हें तुरंत मथुरा स्टेशन पर उतारकर प्राथमिक उपचार दिया गया।
घटना के बाद ट्रेन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यात्रियों के बीच डर और असुरक्षा की भावना साफ देखी गई। कई यात्रियों ने इसे एक गंभीर सुरक्षा चूक बताते हुए चिंता जताई कि आखिर चलती ट्रेन पर इस तरह का हमला कैसे संभव हुआ। हालांकि, गनीमत रही कि ट्रेन सुरक्षित तरीके से अपने गंतव्य की ओर बढ़ती रही और बड़ा हादसा टल गया।
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल और रेलवे के अन्य अधिकारी तुरंत हरकत में आए। टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रैक और आसपास के इलाके का निरीक्षण किया और मामले की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने बताया कि अज्ञात हमलावर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उसकी तलाश जारी है।
इस संबंध में उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह की घटनाओं को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस घटना के पीछे की वजह और हमलावर की पहचान स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन जांच एजेंसियां हर पहलू से मामले की जांच कर रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

