अयोध्या में राम मंदिर के दान को लेकर उठे विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राम भक्तों द्वारा दिए गए दान और सहयोग राशि का पारदर्शी हिसाब होना चाहिए तथा यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
महंत कमल नयन दास ने कहा कि राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े कार्य करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का विषय हैं। ऐसे में दान राशि के कथित दुरुपयोग से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष और गहन जांच होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उन्हें आरोपों की विस्तृत जानकारी नहीं है, लेकिन यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों को दंड मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन केवल एक धार्मिक अभियान नहीं बल्कि राष्ट्र की आस्था और सम्मान से जुड़ा विषय रहा है। इसलिए इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या वित्तीय अनियमितता को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। महंत कमल नयन दास ने कहा कि समाज के सामने पूरी सच्चाई आनी चाहिए ताकि भक्तों का विश्वास बना रहे।
महंत कमल नयन दास ने कुछ लोगों की संपत्तियों और आर्थिक स्थिति में अचानक हुए बदलाव पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की पहले सीमित आर्थिक स्थिति थी, आज उनके पास बड़े-बड़े भवन और संपत्तियां दिखाई दे रही हैं। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा कि ऐसे मामलों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा जताते हुए कहा कि राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से लेगी और यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की छवि ईमानदार और पारदर्शी प्रशासन देने वाले नेता की रही है, इसलिए उन्हें उम्मीद है कि इस प्रकरण में भी निष्पक्ष कार्रवाई होगी।
महंत कमल नयन दास ने कहा कि देश और दुनिया भर के श्रद्धालुओं ने राम मंदिर निर्माण के लिए खुलकर दान दिया है। कई भक्तों ने बिना किसी पहचान के भी सहयोग राशि और बहुमूल्य वस्तुएं समर्पित की हैं। ऐसे में मंदिर से जुड़े हर आर्थिक लेन-देन का स्पष्ट रिकॉर्ड होना चाहिए और जनता के सामने पारदर्शिता बनाए रखी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस विवाद के कारण राम मंदिर और उससे जुड़े संस्थानों की छवि प्रभावित हो रही है, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं भी आहत हो सकती हैं। इसलिए मामले की न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए ताकि सभी तथ्यों का खुलासा हो सके और किसी भी प्रकार की अटकलों पर विराम लग सके।
महंत कमल नयन दास ने बताया कि आगामी 19 तारीख से महंत नृत्य गोपाल दास का जन्मोत्सव कार्यक्रम शुरू होने जा रहा है। इस अवसर पर संत समाज के साथ इस विषय पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की जाएगी और निष्पक्ष जांच की मांग रखी जाएगी।
उन्होंने दोहराया कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इसकी प्रतिष्ठा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। इसलिए दान राशि से जुड़े किसी भी विवाद का जल्द और पारदर्शी समाधान होना चाहिए, ताकि भक्तों का विश्वास कायम रहे और मंदिर की गरिमा पर कोई आंच न आए।

