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पंजाब में 1 जुलाई से लागू होगी VB-G RAM G योजना, 125 दिन रोजगार की मिलेगी गारंटी

पंजाब सरकार ने VB-G RAM G (Viksit Bharat Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission) योजना को राज्य में लागू करने का फैसला करते हुए इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। यह योजना 1 जुलाई से पूरे राज्य में प्रभावी होगी। खास बात यह है कि इससे पहले आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने इस कानून का विरोध किया था और विधानसभा में इसके खिलाफ प्रस्ताव भी पारित कराया था। अब राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की इस नई रोजगार योजना को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। यह व्यवस्था पहले लागू महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की तुलना में अधिक रोजगार उपलब्ध कराने का दावा करती है। केंद्र सरकार के अनुसार यह योजना ‘विकसित भारत @2047’ के विजन को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और आधारभूत ढांचे को मजबूत करना है।

केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष MGNREGA की जगह VB-G RAM G कानून लागू किया था। यह विधेयक संसद से पारित होने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी प्राप्त कर चुका है। जहां UPA सरकार ने वर्ष 2005 में MGNREGA की शुरुआत करते हुए ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी थी, वहीं नए कानून के तहत यह सीमा बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है।

हालांकि, इस कानून को लेकर शुरुआत में कई विपक्ष शासित राज्यों ने आपत्ति जताई थी। पंजाब, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना और झारखंड की सरकारों ने विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर MGNREGA को बहाल करने और VB-G RAM G कानून का विरोध किया था। पंजाब सरकार का तर्क था कि नई व्यवस्था का असर गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों, अनुसूचित जाति समुदायों और ग्रामीण मजदूरों पर पड़ सकता है, जिनकी आजीविका काफी हद तक MGNREGA पर निर्भर रही है।

वहीं, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस योजना का समर्थन करते हुए कहा कि VB-G RAM G ग्रामीण मजदूरों के जीवन में नए अवसर लेकर आएगी। उनके अनुसार इस योजना के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण बुनियादी ढांचे का विकास, सड़क, पुल, पुलिया, स्कूल और आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण जैसे कार्यों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि योजना के लागू होने के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी मजदूर को रोजगार या मजदूरी के भुगतान में कोई बाधा न आए।

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के तहत 95,600 करोड़ रुपये से अधिक का बजट आवंटित किया है। इसके अलावा MGNREGA के लिए पहले से जारी 30,000 करोड़ रुपये को जोड़ते हुए कुल आवंटन 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। सरकार का कहना है कि नई योजना के माध्यम से ग्रामीण रोजगार के साथ-साथ आधारभूत विकास कार्यों को भी नई गति मिलेगी।

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