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केजरीवाल और भगवंत मान ने किया निवेशकों का स्वागत, पंजाब में उद्योगों के लिए नया माहौल

मोहाली में शनिवार से प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट 2026 की शुरुआत हो गई, जिसका उद्देश्य राज्य में निवेश बढ़ाना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। पंजाब सरकार की ओर से आयोजित इस शिखर सम्मेलन का उद्घाटन पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किया। इस मौके पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में देश-विदेश से आए उद्योगपतियों और निवेशकों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने संबोधन में कहा कि पंजाब निवेश के लिए एक मजबूत और अनुकूल माहौल प्रदान करता है। राज्य की अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी बेहतर है और यहां उत्कृष्ट बुनियादी ढांचा मौजूद है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार निवेशकों को बेहतर सुविधाएं देने और कारोबार को आसान बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। साथ ही सरकार स्कूली स्तर से ही युवाओं में कौशल विकास को बढ़ावा दे रही है, ताकि भविष्य में उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें।

सीएम मान ने जानकारी दी कि मार्च 2022 से अब तक पंजाब में लगभग 1.58 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है, जिससे करीब 5.5 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति के तहत राज्य में कारोबारियों को अनुकूल वातावरण दिया जा रहा है, जिससे वे बिना किसी बाधा के अपना व्यवसाय चला सकें। इसी क्रम में लुधियाना में Tata Group का बड़ा स्टील प्लांट भी 20 मार्च से शुरू होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है।

इस अवसर पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब ने देश की आजादी के लिए सबसे अधिक बलिदान दिए हैं और यहां उद्यमिता की मजबूत परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि एक समय पंजाब की प्रति व्यक्ति आय देश में सबसे अधिक थी, लेकिन बाद में हालात कमजोर हो गए। अब राज्य सरकार मिलकर पंजाब को फिर से आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने बताया कि पंजाब में करीब 12 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिससे लगभग 5 लाख नई नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।

केजरीवाल ने कहा कि उद्योगपतियों की समस्याओं को समझने के बाद सरकार ने कई सुधार किए हैं। अब एक नया पोर्टल बनाया गया है, जिसके जरिए उद्योगों को 45 दिनों के भीतर मंजूरी दी जा सकती है और प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है। उन्होंने बताया कि एमएसएमई सेक्टर में 125 करोड़ रुपये तक के निवेश के लिए लंबी मंजूरी प्रक्रिया की जरूरत नहीं होगी और पांच दिनों के भीतर स्वीकृति मिल सकती है।

यह शिखर सम्मेलन मोहाली के आईटी सिटी स्थित प्लाक्षा विश्वविद्यालय में आयोजित किया जा रहा है, जहां कुल 89 सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें यूनाइटेड किंगडम, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के साथ निवेश और औद्योगिक सहयोग पर विशेष सत्र भी रखे गए हैं। इसके अलावा मोहाली को आईटी हब के रूप में विकसित करने की योजना पर भी विशेष चर्चा होगी।

सम्मेलन में कई बड़े उद्योगपति शामिल होने वाले हैं, जिनमें लक्ष्मी मित्तल (ArcelorMittal), सज्जन जिंदल (JSW Group) और सुनील कांत मुंजल (Hero Enterprises) जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। हालांकि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण कुछ देशों के प्रतिनिधि अभी तक कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके हैं।

समिट के दौरान कुल 30 प्रमुख परियोजनाएं प्रस्तुत की जा रही हैं, जिनमें लगभग 27,294 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और इससे करीब 47,067 रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। प्रमुख परियोजनाओं में लुधियाना में Tata Steel का परिचालन और मोहाली में Infosys की 286 करोड़ रुपये की विस्तार परियोजना शामिल है।

पंजाब सरकार के अनुसार, पिछली निवेश पहलों के माध्यम से राज्य पहले ही 1.37 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित कर चुका है, जिससे 5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। सरकार का कहना है कि यह शिखर सम्मेलन केवल एक औद्योगिक कार्यक्रम नहीं बल्कि पंजाब की अर्थव्यवस्था, निवेश और रोजगार के लिए एक नए दौर की शुरुआत है।

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