मुंबई, 17 फरवरी: भारत और फ्रांस के रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और नवाचार सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। राष्ट्रपति मैक्रों 17 से 19 फरवरी तक भारत के आधिकारिक दौरे पर हैं और वे दिल्ली में आयोजित होने वाले AI इम्पैक्ट समिट में भी भाग लेंगे।
फ्रांस, यूरोप में भारत का एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार है और रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता रहा है। दोनों देशों के बीच 114 अतिरिक्त लड़ाकू विमानों की संभावित खरीद पर चर्चा होने की उम्मीद है। हाल ही में भारत ने फ्रांसीसी कंपनी Dassault Aviation से 114 नए राफेल विमानों की खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। इसके अलावा फ्रांस पहले से ही भारत को राफेल लड़ाकू विमान और स्कॉर्पीन पनडुब्बियां उपलब्ध करा चुका है।
यह दौरा भारत और यूरोपीय संघ के बीच जनवरी में हस्ताक्षरित ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते के बाद हो रहा है, जिसे दोनों पक्षों ने “मदर ऑफ ऑल डील्स” करार दिया था। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की फ्रांस यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और गहरे रणनीतिक सहयोग को दर्शाती है।
मुंबई प्रवास के दौरान राष्ट्रपति मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिजिट मैक्रों ने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। शाम को वे इंडिया-फ्रांस इनोवेशन फोरम में शामिल होंगे और गेटवे ऑफ इंडिया पर आयोजित ‘इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन एंड कल्चरल कमेमोरेशन’ कार्यक्रम में भाग लेंगे।
इसके बाद 19 फरवरी को राष्ट्रपति मैक्रों नई दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे। भारत और फ्रांस ने फरवरी 2025 में एआई एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता की थी और ‘होराइजन 2047’ रोडमैप के तहत विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार को साझेदारी का प्रमुख आधार बनाया है। ‘ईयर ऑफ इनोवेशन’ के तहत संस्कृति, व्यापार और तकनीक जैसे विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
गौरतलब है कि हाल के महीनों में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मुंबई में मेजबानी किए जाने वाले विश्व नेताओं में मैक्रों दूसरे नेता हैं। इससे पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने भी अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान मुंबई को प्राथमिक गंतव्य चुना था। मैक्रों की यह यात्रा भारत-फ्रांस संबंधों को रक्षा और व्यापार के साथ-साथ तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग के नए आयाम देने वाली मानी जा रही है।

