अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अब वैश्विक ऊर्जा बाजार को भी चिंता में डाल दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग Strait of Hormuz में हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। अमेरिकी खुफिया सूत्रों का दावा है कि ईरान ने इस समुद्री मार्ग में बारूदी सुरंगें यानी सी माइन बिछाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह वही रास्ता है जिससे दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल की सप्लाई गुजरती है। ऐसे में अगर यहां कोई बड़ा विस्फोट या हमला होता है तो उसका असर केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार फिलहाल ईरान ने कुछ दर्जन समुद्री सुरंगें ही बिछाई हैं, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल शुरुआत हो सकती है। बताया जा रहा है कि ईरान के पास अब भी अपनी माइन बिछाने की क्षमता का करीब 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा बचा हुआ है। यानी अगर हालात और बिगड़ते हैं तो वह सैकड़ों और सुरंगें इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में बिछा सकता है। यही संभावना अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए सबसे बड़ी चिंता बन गई है।
इस पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और सैन्य गतिविधियों की जिम्मेदारी मुख्य रूप से Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) और ईरान की नौसेना के पास है। विश्लेषकों का कहना है कि आईआरजीसी ने समुद्र में हमले के लिए एक जटिल नेटवर्क तैयार कर रखा है। इसमें तेज रफ्तार छोटी नावें, विस्फोटकों से भरी बोट और तटीय मिसाइल सिस्टम शामिल हैं। इन हथियारों और रणनीतियों के कारण यह संकरा समुद्री रास्ता किसी भी समय बड़े सैन्य टकराव का मैदान बन सकता है।
स्थिति को देखते हुए अमेरिका ने भी कड़ा रुख अपनाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया के जरिए चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान ने हॉर्मुज में समुद्री सुरंगें बिछाई हैं तो उन्हें तुरंत हटाया जाए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो ईरान को ऐसे परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं जो उसने पहले कभी नहीं देखे होंगे।
ट्रंप के बयान के बाद अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने बताया कि अमेरिकी सेना ने उन ईरानी जहाजों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है जो कथित तौर पर समुद्र में माइन बिछाने के काम में लगे हो सकते हैं। इसके साथ ही अमेरिकी सेना के United States Central Command (CENTCOM) ने दावा किया कि हॉर्मुज के आसपास ईरान के लगभग 16 ऐसे जहाजों को नष्ट कर दिया गया है जिनके बारे में शक था कि वे समुद्री सुरंगें बिछाने की क्षमता रखते हैं।
इस बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक तेल व्यापार पर भी दिखाई देने लगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हॉर्मुज से गुजरने वाला जहाज यातायात लगभग ठप हो गया है। Iran Revolutionary Guard पहले ही चेतावनी दे चुका है कि अगर कोई जहाज इस रास्ते से गुजरने की कोशिश करेगा तो उस पर हमला किया जा सकता है। इसी वजह से कई विशेषज्ञ इस मार्ग को फिलहाल बेहद खतरनाक मान रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि हॉर्मुज के रास्ते रोजाना करीब 1.5 करोड़ बैरल कच्चा तेल और लगभग 45 लाख बैरल रिफाइंड ईंधन दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जाता है। अगर यह रास्ता लंबे समय तक बंद रहता है तो इसका असर केवल तेल बाजार तक सीमित नहीं रहेगा। इससे गैस, उर्वरक, सेमीकंडक्टर और कई अन्य वैश्विक सप्लाई चेन पर भी गहरा प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर समुद्र में माइन बिछाने का सिलसिला जारी रहता है तो इस मार्ग को सुरक्षित बनाना बेहद मुश्किल हो जाएगा और पूरी दुनिया को इसके गंभीर आर्थिक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

