नेपाल की राजनीति में इन दिनों बालेन शाह का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। काठमांडू के पूर्व मेयर रहे 35 वर्षीय बालेन शाह को नेपाल के अगले प्रधानमंत्री पद के संभावित दावेदारों में गिना जा रहा है। पिछले साल सितंबर में जेन-जी के नेतृत्व में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद देश में नई सरकार चुनने के लिए चुनाव कराए गए हैं। इसी चुनाव में बालेन शाह ने झापा-5 सीट से किस्मत आजमाने के लिए काठमांडू के मेयर पद से इस्तीफा दिया था। युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता काफी ज्यादा मानी जा रही है, जिसके कारण वे चुनावी चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं।
हालांकि बालेन शाह का राजनीतिक सफर जितना तेज रहा है, उतना ही विवादों से भी घिरा रहा है। नवंबर 2025 में उनके एक फेसबुक पोस्ट ने कूटनीतिक स्तर पर हलचल मचा दी थी। उस पोस्ट में उन्होंने अमेरिका, भारत और चीन के साथ-साथ नेपाल के प्रमुख राजनीतिक दलों—यूएमएल, नेपाली कांग्रेस और माओवादी—के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। बाद में वह पोस्ट हटा दिया गया, लेकिन उसके स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गए और उनकी छवि एक आक्रामक और विद्रोही नेता के रूप में उभरी। इससे पहले भी वे नेपाल के सत्ता केंद्र सिंह दरबार को आग लगाने की धमकी देने को लेकर विवादों में रह चुके हैं।
दरअसल बालेन शाह की पृष्ठभूमि राजनीति से अलग रही है। वे एक आयुर्वेदिक चिकित्सक के बेटे हैं और बचपन से ही उन्हें कविता लिखने का शौक था। यही रुचि आगे चलकर रैप संगीत में बदल गई। अमेरिकी रैपर्स टुपैक शकुर और 50 सेंट से प्रभावित होकर उन्होंने नेपाल के संगीत जगत में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने नेपाल से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और भारत के कर्नाटक स्थित विश्वेश्वरैया तकनीकी विश्वविद्यालय से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की।
संगीत के साथ-साथ उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी आवाज बुलंद की। साल 2019 में उनका गाना ‘बलिदान’ काफी लोकप्रिय हुआ, जिसमें उन्होंने नेपाल की राजनीतिक व्यवस्था की कड़ी आलोचना की थी। बाद में उन्होंने ‘परिवर्तन का समय’ के नारे के साथ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में काठमांडू के मेयर का चुनाव जीता। मेयर रहते हुए उन्होंने शहर में अतिक्रमण हटाने और सड़कों को साफ करने के अभियान चलाए, लेकिन इस दौरान उन पर रेहड़ी-पटरी वालों के खिलाफ सख्ती बरतने के आरोप भी लगे।
दिसंबर 2025 में बालेन शाह ने रबी लामिछाने के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) का दामन थाम लिया और पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित किए गए। पार्टी के घोषणापत्र में आर्थिक सुधारों पर विशेष जोर दिया गया है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने 12 लाख नई नौकरियां पैदा करने, युवाओं के विदेश पलायन को रोकने, प्रति व्यक्ति आय को 1,447 डॉलर से बढ़ाकर 3,000 डॉलर करने और देश की जीडीपी को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
चुनाव प्रचार के दौरान भी बालेन शाह विवादों में आए जब उन्हें झापा-5 क्षेत्र में करीब 4 करोड़ नेपाली रुपये की लैंड रोवर डिफेंडर कार में घूमते देखा गया। उनके आलोचकों का कहना है कि वे पारंपरिक नेताओं की आलोचना तो करते हैं, लेकिन उनकी जीवनशैली भी अब उन्हीं की तरह आलीशान होती जा रही है।
फिलहाल नेपाल में चुनाव परिणामों का इंतजार किया जा रहा है। एक रैपर और सोशल मीडिया स्टार से लेकर देश के संभावित शीर्ष नेता तक बालेन शाह का यह सफर नेपाल की राजनीति की सबसे दिलचस्प कहानियों में से एक बन गया है। अब यह देखना बाकी है कि क्या नेपाल का युवा वर्ग उन्हें सच में सत्ता के शीर्ष पद तक पहुंचा पाता है या नहीं।

