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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने शुरू की ‘धर्मयुद्ध यात्रा’, गौ-रक्षा को लेकर सरकार पर साधा निशाना

वाराणसी में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ-रक्षा के मुद्दे को लेकर अपनी ‘गौप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा’ की शुरुआत कर दी है। शनिवार सुबह उन्होंने विधि-विधान के साथ गौ-पूजन किया और इसके बाद पालकी में सवार होकर यात्रा पर निकल पड़े। यात्रा की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि गौमाता की रक्षा के लिए यह यात्रा अब जरूरी और मजबूरी बन गई है।

यात्रा की शुरुआत के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज हालात ऐसे हो गए हैं कि अपनी ही चुनी हुई सरकारों के सामने गौमाता की रक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लोग इस यात्रा के अलग-अलग मायने निकाल सकते हैं, लेकिन यह पूरी तरह धार्मिक उद्देश्य से निकाली जा रही है। उनका कहना है कि गौमाता पर आए संकट को दूर करने के लिए यह यात्रा शुरू की गई है।

यात्रा के दौरान उन्होंने सबसे पहले चिंतामणि गणेश मंदिर में दर्शन किए और उसके बाद संकट मोचन मंदिर जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि वहां जाकर गौमाता पर आए संकट को दूर करने के लिए प्रार्थना की जाएगी। यात्रा को रोके जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर कोई इसे रोकेगा तो वे रुक जाएंगे, लेकिन यह सवाल भी उठेगा कि आखिर इसे रोका क्यों जा रहा है।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गौहत्या को रोकने के लिए अब लोगों को धर्मयुद्ध के लिए आगे आना पड़ रहा है और यह यात्रा उसी दिशा में बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि अभी तक सरकार की ओर से इस संबंध में कोई संदेश नहीं आया है। साथ ही उन्होंने सभी सांसदों और विधायकों से इस यात्रा में शामिल होने की अपील की।

उन्होंने जनता से भी गौहत्या के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया और कहा कि हर हिंदू चाहता है कि गौहत्या बंद हो। उन्होंने ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र सभी समुदायों से एकजुट होकर इस अभियान का समर्थन करने की अपील की और लोगों से लखनऊ पहुंचकर इस आंदोलन में भाग लेने का आग्रह किया।

यात्रा शुरू होने से पहले विद्यामठ के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह यात्रा वाराणसी से शुरू होकर जौनपुरसुल्तानपुरगौरीगंजअमेठी होते हुए रायबरेली पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम किया जाएगा।

इसके बाद 8 मार्च को यात्रा मोहनलालगंजलालगंज और अचलगंज में सभाएं करते हुए उन्नाव पहुंचेगी। 9 मार्च को बांगरमऊ और बघोली होते हुए नैमिषारण्य में सभा के बाद रात्रि विश्राम किया जाएगा। वहीं 10 मार्च को सिंधौली और इजौटा में सभाओं के बाद यात्रा लखनऊ पहुंचेगी।

यात्रा का समापन 11 मार्च को कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल, लखनऊ में होगा, जहां स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गौ-रक्षा के समर्थन में धर्मयुद्ध का शंखनाद करने की घोषणा करेंगे।

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