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रुद्रपुर में अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग, सैकड़ों लोगों ने निकाला कैंडल मार्च

उत्तराखंड के रुद्रपुर में अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर लोगों का आक्रोश सड़कों पर नजर आया। रविवार को शैल संस्कृति समिति की ओर से एक बड़ा कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने एक सुर में इस मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की।

रविवार शाम नंद विहार, आनंद विहार, मैत्री विहार, मां सरस्वती कॉलोनी, हिल व्यू सिटी, फुलसुंगा, कौशल्या, फुलसुंगी और बालाजीपुरम सहित कई इलाकों के लोग गंगापुर रोड स्थित दक्ष चौराहे के पास एकत्र हुए। यहां से शैल भवन तक विशाल कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें हाथों में मोमबत्तियां लेकर लोग न्याय की मांग करते नजर आए।

कैंडल मार्च के बाद प्रदर्शनकारी गोल्ज्यू मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने अंकिता भंडारी के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए प्रार्थना की। लोगों ने सरकार से साफ शब्दों में कहा कि अब इस मामले में सीबीआई जांच से कम कुछ भी स्वीकार नहीं है और सच सामने लाने के लिए केंद्रीय एजेंसी की जांच जरूरी है।

इस मौके पर किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने कहा कि पहाड़ की बेटी अंकिता के परिवार को असली न्याय तभी मिलेगा जब इस हत्याकांड की सीबीआई से जांच कराई जाएगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि मामले में दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए तुरंत सीबीआई जांच के आदेश दिए जाएं।

वहीं पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में जिन वीआईपी नामों की चर्चा सामने आ रही है, उनकी गंभीरता से और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने भी सरकार से अपील की कि वह स्वयं आगे आकर सीबीआई जांच का रास्ता साफ करे।

कैंडल मार्च में मोहन खेड़ा, संजय जुनेजा, पूर्व दर्जा राज्य मंत्री हरीश पनेरू, हरीश मिश्रा, गोपाल पटवाल, राजेंद्र बोरा, दिनेश बम, लाल सिंह, शिशुपाल, हंसी मिश्रा, प्रभा मिश्रा, नेहा पांडे, हेमा गोस्वामी, रूपाली चौहान, श्वेता गंगवार, कंचन हर्बोला और कल्पना पांडे सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से न्याय की मांग करते हुए सरकार पर दबाव बढ़ाने का संदेश दिया।

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