बहराइच में भेड़ियों द्वारा की जा रही घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानव वन्यजीव संघर्ष की दृष्टि से संवेदनशील जनपदों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं जिसमें पीलीभीत भी शामिल है। इसी के तहत आज वन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना व अपर प्रमुख सचिव वन पर्यावरण मनोज सिंह पीलीभीत पहुंचे और अधिकारियों के साथ बैठक कर वन्य जीव संघर्ष को लेकर रणनीति बनाई। वन मंत्री ने कहा कि अगर बहराइच में भेड़िया नहीं पकड़ा गया तो उसे मार देना ही बेहतर होगा।
पीलीभीत के गांधी सभागार में पहुंचे वन मंत्री व अपर प्रमुख सचिव पर्यावरण ने बाघ मित्रों, प्रशासन व पुलिस प्रशासन के साथ मीटिंग की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिले में प्रशिक्षित टीम की गश्त बड़ाई जाए, जिससे मानव वन जीव संघर्ष रुक सके। हाल के दिनों में घटित तेंदुआ व टाइगर हमलों को लेकर समीक्षा की। इस दौरान वन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि अगर भेड़िया पकड़ में नहीं आता है और वारदाते नहीं रुकी तो भेड़िए को मार देने का आर्डर गलत नहीं है। लेकिन कोशिश है उसे पकड़ा जाए अगर नहीं पकड़ा गया तो मारना ही पड़ेगा। साथ ही बताया कि बहराइच में 6 में से चार भेड़िए पकड़े जा चुके हैं लेकिन दो भेड़िए अभी बचे हैं वह लगातार अटैक कर रहे हैं अगर नहीं पकड़ में आए तो उन्हें मारा जाएगा इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पीलीभीत में भी सरकार टाइगर को लेकर संवेदनशील है लोगों को जागरुक कर रहे हैं कि जंगलों में ना जाएं अगर टाइगर गांव में आ जाए तो वहां बाघ मित्र लोगों को सूचित करें साथ ही पूरे क्षेत्र में सूचना दें लोग रात में लाइट जलाएं।

