उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया सिंगापुर और जापान दौरे को राज्य सरकार ने निवेश के लिहाज से बड़ी सफलता बताया है। इस चार दिवसीय दौरे के दौरान सिंगापुर, टोक्यो और जापान के यामानाशी प्रांत में तीन प्रमुख रोड शो आयोजित किए गए, जिनमें करीब 450 से 500 अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, वित्तीय संस्थानों के चेयरमैन और सीईओ ने भाग लिया। इन बैठकों में उत्तर प्रदेश में निवेश को लेकर सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
राज्य सरकार के अनुसार, इस दौरे में कुल 1.5 लाख करोड़ रुपये के एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर हुए, जबकि 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सरकार का दावा है कि इन प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से प्रदेश में 5 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।
निवेश के प्रमुख क्षेत्रों में सिंगापुर से आईटी, फिनटेक, लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर और स्किल डेवलपमेंट शामिल हैं, जबकि जापान से सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, टूरिज्म, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश की संभावनाएं जताई गई हैं। इसके अलावा, यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे एक विशेष ‘जापान सिटी’ विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले आठ से नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने तेज प्रगति की है और उसका सकारात्मक संदेश वैश्विक स्तर पर पहुंचा है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये निवेश प्रस्ताव प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देंगे और रोजगार के अवसरों में वृद्धि करेंगे।
सरकार का कहना है कि वर्ष 2017 के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था में सुधार, बुनियादी ढांचे के विस्तार और औद्योगिक विकास ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। प्रदेश की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 30 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंचने का दावा किया जा रहा है, और राज्य को देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में नए एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, 24 घंटे बिजली आपूर्ति और औद्योगिक कॉरिडोर जैसे विकास कार्यों को प्रमुख उपलब्धियों के रूप में गिनाया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार, अब तक कुल 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में भी उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है।
राज्य सरकार ने वर्ष 2029-30 तक उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में विदेशी निवेश, औद्योगिक विस्तार और रोजगार सृजन को अहम आधार माना जा रहा है।

