नई दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट के दौरान उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब यूथ कांग्रेस के कुछ नेताओं ने आयोजन स्थल के भीतर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की और टी-शर्ट्स पर लिखे संदेशों के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से कार्यक्रम के दौरान कुछ समय के लिए हलचल मच गई।
घटना के सामने आते ही सियासी बयानबाजी तेज हो गई। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन की गरिमा के खिलाफ बताया। पार्टी नेताओं ने कहा कि इस तरह के मंच का इस्तेमाल राजनीतिक विरोध के लिए करना उचित नहीं है।
इसके बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने यूथ कांग्रेस की कार्रवाई के खिलाफ नारे लगाए और कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगने की बात कही। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई।
घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां कांग्रेस समर्थक इसे लोकतांत्रिक विरोध का हिस्सा बता रहे हैं, वहीं बीजेपी इसे सुनियोजित राजनीतिक प्रदर्शन करार दे रही है। AI समिट जैसे तकनीकी और भविष्य उन्मुख आयोजन के बीच हुए इस विरोध ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है।

