हरियाणा के फरीदाबाद जिले की नीमका जेल में बंद आतंकी अब्दुल रहमान की जेल के अंदर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि यह घटना जेल में हुए आपसी झगड़े के दौरान हुई, जिसके बाद अब्दुल रहमान की मौके पर ही मौत हो गई। जेल प्रशासन और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हत्या के कारणों को लेकर सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
मृत आतंकी अब्दुल रहमान को कुछ समय पहले गुजरात एटीएस और पलवल एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में 2 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह अयोध्या के राम मंदिर को निशाना बनाने की साजिश के तहत पाली आया था। उसकी गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से दो हैंडग्रेनेड और करीब डेढ़ लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया था।
पूछताछ के दौरान अब्दुल रहमान ने खुलासा किया था कि वह अपने हैंडलर से टेलीग्राम ऐप के जरिए संपर्क में था। उसने बताया था कि उसे अयोध्या के पास दो अलग-अलग मौकों पर पैसे दिए गए थे और उसका मुख्य लक्ष्य राम मंदिर पर हमला करना था। जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली थी कि टारगेट पूरा होने के बाद उसे और रकम मिलने वाली थी।
हालांकि, पूछताछ के बावजूद अब्दुल रहमान अपने हैंडलर की पूरी पहचान और नेटवर्क के बारे में ठोस जानकारी नहीं दे पाया था। सुरक्षा एजेंसियां उसके संपर्कों और आतंकी नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश में जुटी हुई थीं, लेकिन उससे पहले ही जेल में उसकी मौत हो गई।
फिलहाल नीमका जेल में हुई इस हत्या को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और जेल प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

