भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने उत्तर प्रदेश की 9 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए अपनी पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में 7 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई है। जिन सीटों पर बीजेपी ने उम्मीदवार उतारे हैं, उनमें कुंदरकी, गाजियाबाद, खैर, करहल, फूलपुर, कटेहरी, और मझवां शामिल हैं। कुंदरकी सीट से रामवीर सिंह ठाकुर, गाजियाबाद से संजीव शर्मा, खैर से सुरेंद्र दिलेर, करहल से अनुजेश यादव, फूलपुर से दीपक पटेल, कटेहरी से धर्मराज निषाद और मझवां से सुचिस्मिता मौर्य को टिकट दिया गया है।
बीजेपी ने कटेहरी और मझवां सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारकर निषाद पार्टी के नेता डॉ. संजय निषाद को झटका दिया है। वहीं, मीरापुर और सीसामऊ सीटों पर अभी उम्मीदवारों के नाम की घोषणा नहीं की गई है। सूत्रों की मानें तो मीरापुर की सीट आरएलडी (राष्ट्रीय लोक दल) को दी जा सकती है, जबकि सीसामऊ सीट पर बीजेपी अपने उम्मीदवार का नाम तय कर रही है।
इस बार उत्तर प्रदेश के उपचुनाव में सीधा मुकाबला एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) और इंडिया गठबंधन के बीच देखने को मिलेगा। दोनों गठबंधनों के लिए ये चुनाव अपने आधार को और मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसके चलते उम्मीदवारों के चयन को लेकर कई दौर की बैठकें की गईं। बीजेपी ने अपनी पहली सूची में 9 में से 7 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है और मीरापुर सीट को सहयोगी दल आरएलडी को देने की योजना है।
उत्तर प्रदेश के उपचुनाव का असर न केवल प्रदेश की राजनीति पर पड़ेगा, बल्कि यह आने वाले महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनावों पर भी प्रभाव डाल सकता है। एनडीए और इंडिया गठबंधन दोनों ही इन चुनावों में जीत हासिल करने के लिए पूरी तैयारी कर रहे हैं, क्योंकि उत्तर प्रदेश के उपचुनाव के नतीजे भविष्य की राजनीति का संकेत हो सकते हैं।

