नई दिल्ली: आगामी गणतंत्र दिवस परेड का थीम इस बार ‘स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास’ रखा गया है। इस अवसर पर कर्तव्य पथ पर झांकियां प्रस्तुत करने के लिए 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का चयन किया गया है, जिनमें आंध्र प्रदेश, बिहार, चंडीगढ़, दादर नगर हवेली और दमन और दीव, गोवा, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, पंजाब, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी।
मंत्रालय ने बताया कि इसके अलावा, 2025 के गणतंत्र दिवस समारोह के लिए केंद्र सरकार के 11 मंत्रालयों और विभागों का भी चयन किया गया है। मंत्रालय के बयान के अनुसार, ‘‘गणतंत्र दिवस परेड (आरडीसी) के दौरान राज्य/केंद्र शासित प्रदेश और केंद्रीय मंत्रालय अपनी झांकियां कर्तव्य पथ पर प्रदर्शित करते हैं। आरडीसी-2025 के लिए झांकियों का विषय ‘स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास’ होगा।’’ सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह भी आमंत्रित किया गया है कि वे अपनी झांकी को लाल किले में भारत पर्व (26 से 31 जनवरी) के दौरान भी प्रदर्शित करें, चाहे उनका चयन कर्तव्य पथ पर प्रदर्शनी के लिए हुआ हो या नहीं।
झांकी के चयन की प्रक्रिया में विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है, जैसे वैचारिक विशिष्टता, रचनात्मकता, स्पष्टता, संदेश की संप्रेषणीयता, रंग और रूप की सुंदरता, प्रवाह और संतुलन आदि। विशेषज्ञ समिति द्वारा इन झांकियों का चयन किया जाता है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह प्रक्रिया वर्ष की शुरुआत से ही शुरू हो जाती है, जिसमें राज्यों और मंत्रालयों से झांकियों के प्रस्ताव प्राप्त किए जाते हैं।
अप्रैल 2024 में आयोजित एक बैठक में झांकियों की गुणवत्ता सुधारने के लिए सुझाव लिए गए थे, जिन्हें इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि झांकी के लिए विषय-वस्तु भी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सुझावों के आधार पर तय की गई थी।

