प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को दिल्ली के अशोक विहार स्थित रामलीला मैदान से “मिशन दिल्ली” का शुभारंभ करेंगे। इस मौके पर वे कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री झुग्गी में रहने वाले 1,675 लोगों को नए फ्लैटों की चाबियां भी सौंपेंगे। इसके अलावा, वे नौरोजी नगर में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, सरोजिनी नगर में सरकारी कर्मचारियों के लिए टाइप-II क्वार्टर और नजफगढ़ में वीर सावरकर कॉलेज जैसी परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। यह रैली न केवल विकास परियोजनाओं के ऐलान का मंच होगी, बल्कि दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए बीजेपी के चुनावी अभियान की शुरुआत भी मानी जा रही है।
पीएम मोदी की पहली रैली और उसकी रणनीति
अशोक विहार से अपनी पहली रैली की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झुग्गीवासियों को मकान देने की योजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इसका उद्देश्य आम आदमी पार्टी के झुग्गीवासियों में मजबूत वोट बैंक को साधना है। इससे पहले एमसीडी चुनावों के दौरान भी बीजेपी ने ‘जहां झुग्गी वहीं मकान’ योजना के तहत मकान देकर झुग्गीवासियों को लुभाने की कोशिश की थी। इस बार भी बीजेपी ने अशोक विहार और आसपास के झुग्गी-बहुल इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया है।
अशोक विहार और वजीरपुर विधानसभा का समीकरण
अशोक विहार वजीरपुर विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है, जो चांदनी चौक लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है। चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र बीजेपी का गढ़ रहा है, लेकिन विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी ने यहां लगातार जीत दर्ज की है। वजीरपुर एक औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्र है, जो स्टील फैक्ट्रियों और अन्य उद्योगों के लिए प्रसिद्ध है। यह क्षेत्र जातीय और सामाजिक विविधता का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें दलित, वैश्य, पंजाबी, गुर्जर और ओबीसी समुदायों का प्रमुख योगदान है।
वजीरपुर का चुनावी इतिहास
1993 से वजीरपुर विधानसभा सीट पर हुए सात चुनावों में कांग्रेस ने तीन बार, जबकि बीजेपी और आम आदमी पार्टी ने दो-दो बार जीत दर्ज की है। 2015 और 2020 में आम आदमी पार्टी के राजेश गुप्ता ने इस सीट पर जीत हासिल की। 2020 के चुनाव में राजेश गुप्ता ने 57,331 वोट प्राप्त किए, जबकि बीजेपी के महेंद्र नागपाल को 45,641 वोट मिले।
2025 के चुनावी समीकरण
इस बार वजीरपुर सीट पर मुकाबला और भी रोचक हो सकता है। कांग्रेस ने अपनी तेज-तर्रार प्रवक्ता रागिनी नायक को उम्मीदवार बनाया है। आम आदमी पार्टी ने फिर से राजेश गुप्ता पर भरोसा जताया है। बीजेपी ने अब तक उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है, लेकिन प्रधानमंत्री की रैली से साफ है कि इस सीट को लेकर बीजेपी गंभीर रणनीति बना रही है।
जातीय समीकरण और चुनावी गणित
वजीरपुर सीट पर दलित (25%), ओबीसी (25%), पंजाबी (17%) और वैश्य समाज (12%) का अहम प्रभाव है। बीजेपी अब तक गुर्जर समाज के उम्मीदवारों पर दांव लगाती आई है, जबकि आम आदमी पार्टी वैश्य समाज पर फोकस करती रही है। कांग्रेस ने रागिनी नायक को टिकट देकर पंजाबी और गुर्जर दोनों वोटों को साधने की कोशिश की है।
नतीजों पर नजर
वजीरपुर का चुनावी मुकाबला इस बार कांग्रेस, बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच त्रिकोणीय हो सकता है। जातीय समीकरण और विकास योजनाओं के प्रभाव को देखते हुए यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार कौन जीत का परचम लहराएगा।

