अयोध्या की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर संभावित उपचुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को एक बार फिर इस क्षेत्र का दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री सुबह 11 बजे आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के सभागार में कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इस आयोजन में मिल्कीपुर क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ जिले के प्रवासी कार्यकर्ता भी हिस्सा लेंगे। उपचुनाव के मद्देनजर यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री कार्यकर्ताओं से उपचुनाव की तैयारियों पर चर्चा करेंगे, उनकी राय जानेंगे और जीत का मंत्र भी देंगे। संवाद कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री के रामलला और हनुमानगढ़ी में दर्शन करने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मुख्यमंत्री के दौरे से पहले ही प्रदेश सरकार के सात मंत्री मिल्कीपुर पहुंच चुके हैं। इनमें जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर और खाद्य रसद राज्य मंत्री सतीश शर्मा शुक्रवार को ही अयोध्या पहुंच गए थे। शनिवार को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर सिंह, आयुष राज्य मंत्री दया शंकर मिश्र दयालु और खेल राज्य मंत्री गिरीश यादव भी वहां पहुंचेंगे। ये सभी मंत्री कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
संगठन की ओर से भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और एमएलसी धर्मेंद्र प्रताप सिंह, जो प्रभारी के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहे हैं, भी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। आयोजन की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
सपा का भाजपा पर हमला
मिल्कीपुर उपचुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी उपचुनाव को लेकर घबराई हुई है। उन्होंने सवाल किया, “भाजपा इतनी परेशान क्यों है? एक सीट के उपचुनाव से सरकार पर तो कोई खतरा नहीं है। मुख्यमंत्री अब तक सात बार यहां आ चुके हैं, और तीन महीने में 16 मंत्री क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं। यह भाजपा की दहशत को दर्शाता है।” सांसद ने विश्वास जताया कि मिल्कीपुर की जनता सपा उम्मीदवार अजीत प्रसाद को जीत दिलाएगी।
चुनावी सरगर्मी बढ़ी
मिल्कीपुर उपचुनाव के चलते क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिशों में जुटी है, जबकि सपा ने भी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने का इरादा कर लिया है। मुख्यमंत्री और मंत्रियों के लगातार दौरों के चलते सियासी बयानबाजी भी बढ़ गई है। इन सबके बीच कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम और मुख्यमंत्री का दौरा चुनावी माहौल में खास महत्व रखता है।

